
आजकल कार केवल ज़रूरत नहीं, बल्कि हमारी मेहनत की कमाई और सम्मान का प्रतीक बन गई है। अक्सर जब हम कहीं बाहर जाते हैं और गाड़ी को पार्किंग में सुरक्षित खड़ा कर देते हैं, लेकिन वापस आने पर उस पर बच्चों की शरारत या किसी अन्य वजह से स्क्रैच (खरोंच) मिलता है, तो बहुत दुख होता है।
ऐसे में हर कार मालिक के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या पार्किंग में हुए इस नुकसान के लिए कार इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है। यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि मामूली दिखने वाले स्क्रैच को ठीक कराने में भी भारी खर्च आ सकता है और सही जानकारी होने पर आप अपनी जेब ढीली होने से बचा सकते हैं।
कब इंश्योरेंस कंपनी देगी पैसा और कब आपका क्लेम हो सकता है रिजेक्ट
पार्किंग में खड़ी कार पर बच्चों द्वारा स्क्रैच मारना ‘एक्सीडेंटल डैमेज’ की श्रेणी में आता है, लेकिन इसका क्लेम मिलना आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है। अगर आपके पास सिर्फ ‘थर्ड पार्टी’ इंश्योरेंस है, तो कंपनी फूटी कौड़ी भी नहीं देगी। वहीं, कॉम्प्रिहेंसिव या बंपर-टू-बंपर पॉलिसी होने पर आप नुकसान की भरपाई मांग सकते हैं। अच्छी बात यह है कि आपको बच्चों की गलती साबित करने की ज़रूरत नहीं होती; कंपनी बस यह देखती है कि नुकसान अनजाने में हुआ है। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर स्क्रैच बहुत मामूली है, तो कंपनी इसे ‘वियर एंड टियर’ (आम घिसावट) मानकर आपका क्लेम खारिज भी कर सकती है।
कार पर स्क्रैच का क्लेम चाहिए? तो तुरंत करें ये 3 काम
अगर आप पार्किंग में हुए स्क्रैच के लिए इंश्योरेंस क्लेम करने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी बहुत आवश्यक हैं। सबसे पहले, जैसे ही आपको नुकसान दिखे, तुरंत साफ-सुथरी फोटो और वीडियो लें ताकि नुकसान की गंभीरता साबित हो सके। साथ ही, पार्किंग स्थल की तस्वीरें भी क्लिक करें जिससे यह स्पष्ट हो कि गाड़ी सुरक्षित जगह पर खड़ी थी। यदि स्क्रैच काफी गहरा है या गाड़ी का पेंट पूरी तरह निकल गया है, तो सुरक्षा के लिहाज से पास के पुलिस स्टेशन में एक साधारण शिकायत या जनरल डायरी (GD) दर्ज कराना अच्छा रहता है। ये सबूत आपकी क्लेम प्रक्रिया को आसान बनाते हैं और बीमा कंपनी के पास उसे खारिज करने की कोई वजह नहीं बचती।
कार क्लेम में न करें ये गलती
बीमा कंपनी से क्लेम करते समय हमेशा पूरी ईमानदारी बरतें; कभी भी छोटी खरोंच को बड़े हादसे का रूप देकर झूठी कहानी न बनाएं, क्योंकि पकड़े जाने पर आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्लेम लेने से आपका नो क्लेम बोनस (NCB) शून्य हो जाता है, जिससे अगले साल के इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ सकता है। अक्सर छोटे-मोटे स्क्रैच को अपनी जेब से ठीक कराना ज्यादा समझदारी भरा होता है। इसलिए, क्लेम फाइल करने से पहले पेंटिंग और रिपेयरिंग के खर्च की तुलना अपने मिलने वाले बोनस के नुकसान से जरूर करें। यदि रिपेयरिंग का खर्च बोनस से कम है, तो क्लेम न करना ही आपके लिए फायदे का सौदा होगा।









