Tags

आधार कार्ड लाओ…₹90,000 ले जाओ! बिना गारंटी सरकारी लोन का सच क्या है? जानें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत आवेदन का सही तरीका।

जानिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना-PMMY के तहत बिना किसी जमानत के कैसे लिया जा सकता है लोन। आसान आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेज़ की पूरी जानकारी, ताकि आपका व्यवसाय तुरंत आर्थिक सहारा पा सके।

By Manju Negi

आधार कार्ड लाओ…₹90,000 ले जाओ! बिना गारंटी सरकारी लोन का सच क्या है? जानें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत आवेदन का सही तरीका।
आधार कार्ड लाओ…₹90,000 ले जाओ! बिना गारंटी सरकारी लोन का सच क्या है? जानें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत आवेदन का सही तरीका।

केंद्र सरकार ने छोटे कारीगरों और पारंपरिक काम-धंधे से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना-PM Vishwakarma Yojana शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन शिल्पकारों, कारीगरों और ट्रेड्समैन को सस्ता और आसान लोन-Loans उपलब्ध कराना है, जो अपने हुनर के दम पर काम कर रहे हैं, लेकिन पैसों की कमी के कारण अपने व्यवसाय को बढ़ा नहीं पा रहे।

क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना?

PM Vishwakarma Yojana विशेष रूप से बढ़ई, लोहार, मोची, दर्जी, कुम्हार, राजमिस्त्री, नाई, मूर्तिकार और हथकरघा बुनकर जैसे पारंपरिक काम करने वालों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। योजना के तहत ₹90,000 तक का लोन-Loan बिना किसी गारंटी या सिक्योरिटी के दिया जाता है। सरकार स्वयं इस लोन की गारंटी देती है, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान आसानी से ऋण प्रदान कर सकते हैं।

योजना के तहत लाभार्थी अपने व्यवसाय को आधुनिक उपकरणों और मशीनरी के माध्यम से और बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार टूलकिट और ट्रेनिंग-Training भी उपलब्ध कराती है, जिससे लाभार्थी अपने हुनर को और बेहतर बना सकें।

बिना गारंटी कैसे मिलेगा लोन

PM Vishwakarma Yojana की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी तरह की सिक्योरिटी या गारंटी की जरूरत नहीं है। सरकारी गारंटी के चलते बैंक आसानी से ऋण प्रदान करते हैं। इससे पारंपरिक काम करने वाले लोग, जैसे बढ़ई, लोहार, मोची और दर्जी, बिना किसी झिझक के व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं।

सरकार का मकसद छोटे कारीगरों को financial support-आर्थिक समर्थन देना है ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो और वे अपने हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन सकें।

दो चरणों में मिलेगा लोन

योजना के तहत लोन दो चरणों में वितरित किया जाता है।

  • पहला चरण: शुरुआती स्तर पर ₹90,000 तक का लोन आसानी से उपलब्ध होता है।
  • दूसरा चरण: समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को भविष्य में अधिक रकम भी दी जा सकती है, जिससे व्यवसाय का विस्तार संभव हो।

इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाभार्थी समय पर लोन चुकाते हुए अपने व्यवसाय को धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर ले जा सकें।

बेहद कम ब्याज दर पर लोन

इस योजना की एक और खासियत यह है कि लोन पर ब्याज दर बहुत कम है। सरकार ब्याज का बड़ा हिस्सा subsidy-सब्सिडी के रूप में देती है। लाभार्थी को केवल लगभग 5% सालाना ब्याज चुकाना होता है, जो अन्य सामान्य लोन की तुलना में बहुत कम है। इससे छोटे कारीगर आसानी से लोन चुका सकते हैं और अपने व्यवसाय में निवेश कर सकते हैं।

किन लोगों को मिलेगा लाभ

PM Vishwakarma Yojana का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो पारंपरिक काम-कला से जुड़े हैं।

  • बढ़ई, सुनार, लोहार, मोची
  • दर्जी, राजमिस्त्री, नाई, कुम्हार
  • मूर्तिकार, हथकरघा बुनकर

Eligibility Criteria-योग्यता:

  1. आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  2. आवेदक पहले से किसी सरकारी लोन-Default में नहीं होना चाहिए।
  3. आवेदक को अपने काम का प्रमाण पत्र और आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा।

ट्रेनिंग और टूलकिट का लाभ

इस योजना में लोन के साथ-साथ skill development-हुनर प्रशिक्षण और उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक मदद भी शामिल है। सरकार लाभार्थियों को टूलकिट और मशीनरी खरीदने में सहायता करती है ताकि वे अपने पारंपरिक काम में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सकें।

इस पहल से न केवल कारीगर अपने हुनर को और निखार पाएंगे, बल्कि उनकी उत्पादकता भी बढ़ेगी और वे अपने व्यवसाय में स्थिरता ला सकेंगे।

आवेदन प्रक्रिया

PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है।

  • आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।
  • जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और काम से जुड़ा प्रमाण पत्र।
  • पात्र पाए जाने पर लोन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

सरकार ने इस योजना को आसान और पारदर्शी बनाया है ताकि छोटे कारीगर बिना किसी परेशानी के लाभ उठा सकें।

योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कारीगरों और ट्रेड्समैन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना से Skill Development, Financial Inclusion-आर्थिक समावेशन, और पारंपरिक उद्योगों की बढ़ोतरी को बढ़ावा मिलेगा।

यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही है।

Author
Manju Negi
अमर उजाला में इंटर्नशिप करने के बाद मंजु GyanOk में न्यूज टीम को लीड कर रही है. मूल रूप से उत्तराखंड से हैं और GyanOk नेशनल और राज्यों से संबंधित न्यूज को बारीकी से पाठकों तक अपनी टीम के माध्यम से पहुंचा रही हैं.

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें