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BH Series Number Plate: कौन लोग ले सकते हैं ‘भारत सीरीज़’ का नंबर? जानें पूरा नियम और किन्हें मिलता है यह खास लाभ

BH (भारत) सीरीज़ नंबर प्लेट का खास लाभ कौन-कौन से लोग ले सकते हैं? यह नंबर उन लोगों के लिए वरदान है जिनकी नौकरी में बार-बार ट्रांसफर होता है। जानिए केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा, निजी क्षेत्र के किन लोगों को यह नया नियम मिलता है और इसका पूरा प्रोसेस क्या है।

By Pinki Negi

BH Series Number Plate: कौन लोग ले सकते हैं ‘भारत सीरीज़’ का नंबर? जानें पूरा नियम और किन्हें मिलता है यह खास लाभ
BH Series Number Plate

सड़कों पर आपको कई गाड़ियों पर BH (भारत) सीरीज़ लिखी हुई नंबर प्लेट्स दिखती होंगी। इन गाड़ियों को देश के अलग-अलग राज्यों में चलते हुए देखा जा सकता है, जिससे कई लोग यह सोचते हैं कि आखिर यह BH सीरीज़ है क्या। यह सीरीज़ किसे मिलती है, इसके पीछे क्या नियम हैं, और इसके लिए क्या खास पात्रताएँ तय की गई हैं, इसकी जानकारी बहुत से लोगों को नहीं होती है। यह लेख आपको BH सीरीज़ से जुड़ी पूरी जानकारी देगा।

BH सीरीज़ नंबर प्लेट किसे मिलता है ?

BH (भारत) सीरीज़ नंबर प्लेट खास तौर पर ऐसे कर्मचारियों के लिए बनाई गई है जिनका तबादला (Transfer) अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में होता रहता है। इस श्रेणी में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, रक्षा सेवाओं और कई राज्यों में शाखाएँ रखने वाली निजी कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं। इस नई व्यवस्था से इन कर्मचारियों को हर बार नई जगह जाने पर गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन, नया टैक्स या एनओसी लेने की परेशानी से मुक्ति मिल गई है।

BH सीरीज़ नंबर (BH Number) कैसे काम करता है

BH (भारत) सीरीज़ नंबर का उद्देश्य बार-बार होने वाले सिरदर्द (यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर गाड़ी का नंबर बदलने) को खत्म करना है। BH नंबर लेने के लिए, व्यक्ति को अपनी संस्था का वैध पहचान पत्र या ट्रांसफर से जुड़ा दस्तावेज़ देना होता है। एक बार रजिस्टर्ड होने के बाद, गाड़ी को यह यूनिक नंबर मिलता है, जिसका फॉर्मेट होता है: दो अंकों का साल, उसके बाद BH कोड, फिर चार अंक और अंत में दो अक्षर।

BH (भारत) सीरीज नंबर प्लेट के बड़े फायदे

बीएच (BH) सीरीज नंबर प्लेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे लेने के बाद आपको किसी भी राज्य में अपनी गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है। यह नंबर पूरे देश में मान्य होता है, जिससे आपको एनओसी (NOC) लेने या टैक्स की दोबारा भरपाई करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इस सीरीज में टैक्स हर दो साल के ब्लॉक में लिया जाता है, जिससे नौकरी बदलने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ कम होता है। साथ ही, भविष्य में इस नंबर को सामान्य नंबर प्लेट में बदलने का विकल्प भी मौजूद है।

BH नंबर प्लेट किन लोगों को नहीं मिलती है ?

यह स्पष्ट है कि BH (भारत) सीरीज़ की नंबर प्लेट की सुविधा हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं है। जो लोग केवल एक ही राज्य में नौकरी करते हैं, स्व-रोजगार में हैं, या कोई स्थानीय बिज़नेस चलाते हैं, वे इसके लिए योग्य नहीं माने जाते हैं। BH नंबर खास तौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनकी नौकरी की प्रकृति ऐसी है कि उन्हें बार-बार एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होना पड़ता है, ताकि उन्हें हर बार अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन (RC) बदलवाने की परेशानी न हो।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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