
जैसे-जैसे तापमान चढ़ रहा है, वैसे-वैसे घरों में एयर कंडीशनर चलाने की तैयारी शुरू हो जाती है। लेकिन कई महीनों तक बंद रहने के बाद एसी को सीधे ऑन कर देना खतरनाक है। गंदगी जमा होने से कूलिंग कम हो जाती है, बिजली बिल दोगुना आ सकता है और मशीन खराब होने का खतरा भी रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों से पहले बेसिक मेंटेनेंस से 20-30% बिजली बचत होती है और एसी की उम्र बढ़ जाती है। दिल्ली जैसे शहरों में जहां गर्मी तीव्र होती है, यह और भी जरूरी है।
फिल्टर की सफाई सबसे पहला कदम
एसी का फिल्टर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय बंद रहने पर इसमें धूल-मिट्टी जमा हो जाती है, जो एयरफ्लो रोकती है। नतीजा? एसी ज्यादा पावर खींचता है और कमरा ठंडा होने में देरी होती है। घर पर ही इनडोर यूनिट खोलकर फिल्टर निकालें, गुनगुने पानी और साबुन से धोएं, अच्छे से सुखाकर लगाएं। अगर फिल्टर फटा हो तो नया बदल लें। साफ फिल्टर से हवा शुद्ध रहती है, खासकर अस्थमा वाले मरीजों के लिए फायदेमंद। हर 15 दिन में दोहराएं।
आउटडोर यूनिट को नजरअंदाज न करें
लोग अक्सर इनडोर पर ध्यान देते हैं, लेकिन आउटडोर यूनिट पर पत्तियां, धूल या मकड़ी के जाले जमा हो जाते हैं। इससे कंप्रेसर पर दबाव पड़ता है, जो ओवरहीटिंग का कारण बनता है। यूनिट के चारों ओर 2 फीट खाली जगह रखें, ब्रश से साफ करें और पानी के छींटे मारें। इससे हवा का संचार बेहतर होता है, कूलिंग तेज मिलती है। अगर ऊंचाई पर है तो सीढ़ी का सहारा लें, लेकिन सावधानी बरतें।
वायरिंग और पावर चेक अनिवार्य
एसी चालू करने से पहले प्लग, सॉकेट, वायरिंग और स्टेबलाइजर जांचें। ढीले कनेक्शन से शॉर्ट सर्किट हो सकता है, खासकर वोल्टेज फ्लक्चुएशन वाले इलाकों में। मेन स्विच ऑफ करके इंस्पेक्शन करें। अगर तारें जर्जर लगें तो तुरंत इलेक्ट्रीशियन बुलाएं। सुरक्षित बिजली सप्लाई से दुर्घटना टलती है और मशीन लंबे समय चलती है।
कूलिंग टेस्ट और सही सेटिंग्स
पहली बार चालू करने पर फैन मोड में 10-15 मिनट चलाएं, फिर कूल मोड पर शिफ्ट करें। थर्मोस्टेट 24-26 डिग्री पर सेट करें- इससे आराम भी मिलता है और बिल 15% कम आता है। अगर अजीब आवाज, पानी लीकेज या कमजोर हवा हो तो गैस लीक या कॉइल ब्लॉकेज हो सकता है। ड्रेन पाइप साफ करें ताकि पानी जमा न हो। पंखा साथ चलाएं, पर्दे बंद रखें।
प्रोफेशनल सर्विस करवाएं
सभी काम के बाद सालाना सर्विस जरूरी है। टेक्नीशियन गैस लेवल, कॉइल क्लीनिंग, कंप्रेसर चेक और ड्रेनेज साफ करते हैं। मार्च-अप्रैल में करवाएं, लागत 500-1500 रुपये। इससे ब्रेकडाउन टलता है, वारंटी बनी रहती है। 90% लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, नतीजा महंगे रिपेयर।
फायदे और सावधानियां
पूरी जांच से बेहतर कूलिंग, साफ हवा, कम बिल और लंबी लाइफ मिलती है। छोटी लापरवाही से हजारों का नुकसान। गर्मी से पहले ये 5 काम करें, सुकून भरी गर्मियां गुजारें।









