
WhatsApp आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण स्कैमर्स और हैकर्स भी यहां काफी सक्रिय हो गए हैं। आए दिन होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। राहत की बात यह है कि WhatsApp के अंदर ही कई ऐसे सिक्योरिटी और प्राइवेसी टूल्स छिपे हैं, जो आपके अकाउंट को लोहे के कवच जैसी सुरक्षा दे सकते हैं। अगर आप इन 8 खास फीचर्स का सही इस्तेमाल करना सीख जाते हैं, तो आपकी चैट्स, कॉल और पर्सनल जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। आइए जानते हैं इन छिपे हुए फीचर्स के बारे में, जो आपको स्कैमर्स के जाल में फंसने से बचाएंगे।
प्राइवेसी चेकअप
व्हाट्सएप का ‘प्राइवेसी चेकअप’ (Privacy Checkup) फीचर आपकी सुरक्षा के लिए किसी बॉडीगार्ड से कम नहीं है। इसकी मदद से आप एक ही जगह पर यह तय कर सकते हैं कि आपकी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और स्टेटस जैसी निजी जानकारियां किसे दिखनी चाहिए और किसे नहीं। इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है—बस Settings > Privacy में जाएं और अपनी पसंद के अनुसार प्राइवेसी सेट करें। यह फीचर आपको अनजान लोगों और संभावित स्कैमर्स की नजरों से दूर रखकर आपकी डिजिटल प्राइवेसी को और भी मजबूत बनाता है।
डिसअपीयरिंग मैसेज
व्हाट्सएप का ‘डिसअपीयरिंग मैसेज’ (Disappearing Messages) फीचर आपकी प्राइवेसी को और भी पुख्ता बनाता है। इस फीचर को ऑन करने के बाद आपके मैसेज एक तय समय (जैसे 24 घंटे, 7 दिन या 90 दिन) के बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। इससे न केवल आपके फोन की मेमोरी खाली रहती है, बल्कि भविष्य में डेटा लीक होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बातचीत का कोई स्थायी रिकॉर्ड न रहे, तो यह फीचर आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।
‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ (Two-Step Verification)
WhatsApp सुरक्षा की सबसे मजबूत दीवार ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ (Two-Step Verification) है। चूंकि आपका अकाउंट आपके मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है, इसलिए हैकर्स के लिए इसे निशाना बनाना आसान हो सकता है। लेकिन इस फीचर को ऑन करने के बाद, अगर कोई आपके नंबर से व्हाट्सएप लॉगिन करने की कोशिश करेगा, तो उसे आपके द्वारा सेट किया गया गुप्त PIN डालना होगा। इसे चालू करने के लिए बस Settings > Account > Two-Step Verification में जाएं। यह छोटी सी सेटिंग आपके अकाउंट को तब भी सुरक्षित रखती है, जब आपका सिम कार्ड किसी और के हाथ लग जाए।
ऐप और चैट लॉक
अगर आप अपना फोन अक्सर दोस्तों या परिवार के सदस्यों को देते हैं, तो व्हाट्सएप का लॉक फीचर आपकी प्राइवेसी के लिए वरदान है। App Lock के जरिए आप पूरे व्हाट्सएप को सुरक्षित कर सकते हैं, जिससे आपके अलावा कोई भी ऐप नहीं खोल पाएगा। वहीं, अगर आप चाहते हैं कि सिर्फ कुछ खास बातचीत (Secret Chats) छिपी रहें, तो आप Chat Lock का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये दोनों फीचर्स आपके फोन के फिंगरप्रिंट या फेस आईडी (Face ID) के साथ काम करते हैं, जिससे आपकी चैट्स को खोलना किसी और के लिए नामुमकिन हो जाता है।
एडवांस प्राइवेसी सेटिंग्स
व्हाट्सएप की एडवांस सेटिंग्स आपकी सुरक्षा को और मजबूत बनाती हैं। इसमें ‘IP एड्रेस छुपाना’ जैसे फीचर्स हैं, जो कॉल के दौरान आपकी लोकेशन ट्रैक होने से रोकते हैं। साथ ही, अनजान मैसेज को ब्लॉक करना और लिंक प्रीव्यू बंद करना आपको ऑनलाइन खतरों और हैकर्स से सुरक्षित रखता है।
एक्सपोर्ट सुरक्षा
व्हाट्सएप का यह फीचर आपकी बातचीत को और भी निजी बनाता है। इसे ऑन करने से आपकी चैट को बाहर एक्सपोर्ट करना कठिन हो जाता है, जिससे डेटा चोरी का डर नहीं रहता। साथ ही, यह मीडिया ऑटो-डाउनलोड और AI के दखल को भी कम करता है, जो संवेदनशील (Sensitive) बातचीत के लिए बेहद जरूरी है।
ब्लू टिक बंद करें
व्हाट्सएप पर ‘रीड रिसीट्स’ (Read Receipts) या ब्लू टिक बंद करने से दूसरों को यह पता नहीं चलता कि आपने उनका मैसेज पढ़ा है या नहीं। यह फीचर उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो तुरंत जवाब देने के दबाव से बचना चाहते हैं। इसे बंद करने से आपकी डिजिटल ट्रैकिंग कम होती है और आपको अपनी मर्जी से रिप्लाई करने की आजादी मिलती है।
मीडिया ऑटो-डाउनलोड
व्हाट्सएप पर फोटो और वीडियो का अपने आप डाउनलोड होना आपकी स्टोरेज और प्राइवेसी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसे Settings > Storage and Data (या Chats) में जाकर आसानी से बंद किया जा सकता है। इसके अलावा, सुरक्षित रहने के लिए ‘One-Time View’ का इस्तेमाल करें, जिससे फोटो देखने के बाद अपने आप डिलीट हो जाती है। याद रखें, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ-साथ इन सेटिंग्स को अपनाकर ही आप स्कैमर्स से पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं।









