
केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में पिछले पांच वर्षों (2020-2024) के यूपीएससी (UPSC) नियुक्तियों के जातिवार आंकड़े पेश किए हैं। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) की तुलना में इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) में ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी के उम्मीदवारों की नियुक्तियां सबसे अधिक हुई हैं। इन आधिकारिक आंकड़ों से यह साफ होता है कि अलग-अलग सेवाओं में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है और पिछले पांच सालों में नियुक्तियों का रुझान किस ओर रहा है।
IAS, IPS और IFS में किस वर्ग के कितने अधिकारी चुने गए
पिछले पाँच वर्षों (2020-2024) के आधिकारिक आँकड़े बताते हैं कि सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व काफी मजबूत रहा है। इन पाँच सालों में IAS के लिए OBC से 245, SC से 135 और ST से 67 उम्मीदवारों का चयन हुआ। वहीं, IPS में यह संख्या थोड़ी अधिक रही, जहाँ OBC के 255, SC के 141 और ST के 71 पदों पर नियुक्तियाँ की गईं।
IFS (विदेश सेवा) की बात करें तो यहाँ OBC से 231, SC से 95 और ST से 48 कैंडिडेट चुने गए। कुल मिलाकर, इन तीनों शीर्ष सेवाओं में पिछले पाँच वर्षों में OBC वर्ग से 731, SC से 371 और ST से 186 उम्मीदवारों ने अपनी जगह बनाई है।
| सर्विस | OBC | SC | ST | कुल |
| IAS | 245 | 135 | 67 | 447 |
| IPS | 255 | 141 | 71 | 467 |
| IFS | 231 | 95 | 48 | 374 |
| कुल | 731 | 371 | 186 | 1288 |
UPSC 2026 नोटिफिकेशन
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, लेकिन इस बार पदों की संख्या ने उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, 2026 में केवल 933 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 979 और 2024 में 1,056 थी।
पिछले तीन वर्षों का यह ट्रेंड साफ दर्शाता है कि सिविल सेवा में रिक्तियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। पदों में इस कमी का मतलब है कि इस साल कॉम्पिटिशन और भी कड़ा होने वाला है। इच्छुक उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
IAS, IPS और IFS में हजारों पद खाली, जानें किस सर्विस में कितनी कमी
1 जनवरी 2025 तक की आधिकारिक स्थिति के अनुसार, देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में अधिकारियों की भारी कमी बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में कुल 6,877 मंजूर पदों के मुकाबले 1,300 पद खाली पड़े हैं। इसी तरह, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में 5,099 पदों के मुकाबले 505 अधिकारियों की कमी है। वहीं, सबसे चौंकाने वाले आंकड़े IFS सेवा से हैं, जहाँ 3,193 मंजूर पदों में से 1,029 पद अब भी खाली हैं। ये आंकड़े साफ करते हैं कि कैडर-वाइज वैंकेंसी के कारण प्रशासनिक कार्यों में अधिकारियों की भारी जरूरत है।
रिक्तियों की वर्तमान स्थिति (01 जनवरी 2025 तक)
| सर्विस | कुल मंज़ूर पद | भरे हुए पद | रिक्तियाँ (Vacancies) |
| IAS | 6,877 | 5,577 | 1,300 |
| IPS | 5,099 | 4,594 | 505 |
| IFS | 3,193 | 2,164 | 1,029 |










