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ट्रैफिक चालान माफ कराने का मौका! 14 फरवरी को पहुंचें, इन 12 वजहों में नहीं लगेगा जुर्माना

दिल्ली में आज 14 फरवरी को सात कोर्ट्स में लोक अदालत लग रही है। बिना हेलमेट, सीटबेल्ट, रेड लाइट जंपिंग, PUC, पार्किंग, स्पीडिंग समेत 12 मामलों के चालान माफ हो सकते हैं- बिना एक रुपया चुकाए! सुबह 10 से शाम 4 बजे तक। टोकन, RC, लाइसेंस ले जाएं। गंभीर केस जैसे नशा ड्राइविंग बाहर। जल्दी पहुंचें

By Pinki Negi

these 12 types of traffic challan can be waived off in delhi lok adalat key takeaways

अगर आप नियमित रूप से कार, बाइक या स्कूटी चलाते हैं, तो ट्रैफिक नियमों की मामूली अनदेखी पर चालान कटना आम बात है। कई बार ट्रैफिक पुलिस बिना गलती के भी चालान ठोंक देती है, और मामूली गलती पर हजारों का जुर्माना लग जाता है। लेकिन आज, शनिवार 14 फरवरी को दिल्ली के सात प्रमुख कोर्ट परिसरों में विशेष लोक अदालत लग रही है, जहां पेंडिंग चालान माफ या कम हो सकते हैं।

दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयोजन में यह साल की पहली ट्रैफिक लोक अदालत है। खास बात- कई कंपाउंडेबल मामलों में जुर्माना पूरी तरह माफ हो सकता है, बिना एक रुपया चुकाए!

लोक अदालतें कहां लगेंगी और समय क्या है?

दिल्ली के पटियाला हाउस, तीस हजारी, साकेत, कड़कड़डूमा, द्वारका, रोहिणी और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसरों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ये अदालतें चलेंगी। समय पर न पहुंचे तो मौका हाथ से निकल जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि लाखों पेंडिंग चालानों का फायदा उठाएं। केवल 31 अक्टूबर 2025 तक वर्चुअल कोर्ट में भेजे गए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के चालान ही योग्य हैं। 9 फरवरी से शुरू टोकन रजिस्ट्रेशन (traffic.delhipolice.gov.in या dslsa.org पर) अब बंद हो चुका है, लेकिन वॉक-इन ऑप्शन उपलब्ध हो सकता है।​

ये 12 चालान हो सकते हैं पूरी तरह माफ!

लोक अदालत में कंपाउंडेबल (समझौता योग्य) ट्रैफिक उल्लंघनों पर आपसी सहमति से चालान माफ या न्यूनतम जुर्माने पर निपटान होता है। लोक अदालत के दावों के मुताबिक ये 12 मामले प्रमुख हैं:

  • बिना सीटबेल्ट के कार चलाना।
  • बिना हेलमेट के बाइक/स्कूटी चलाना।
  • रेड लाइट जंपिंग।
  • गलती से कटा चालान (ट्रायल केस)।
  • स्पीड लिमिट तोड़ना (ओवरस्पीडिंग)।
  • PUC सर्टिफिकेट न होना।
  • नो पार्किंग में वाहन खड़ा करना।
  • बिना ड्राइविंग लाइसेंस चलाना।
  • व्हीकल फिटनेस सर्टिफिकेट न होना।
  • गलत लेन में ड्राइविंग।
  • ट्रैफिक साइन की अनदेखी।
  • बिना नंबर प्लेट या गलत प्लेट से वाहन चलाना।

ये राहत तभी मिलेगी जब जज मामला सुलह योग्य पाए। अक्सर जुर्माना 50-100% कम हो जाता है।

कौन से चालान माफ नहीं होंगे?

हर चालान माफ नहीं होता। गंभीर या गैर-कंपाउंडेबल मामले बाहर:

  • नशे में ड्राइविंग।
  • हिट-एंड-रन या लापरवाही से मौत।
  • नाबालिग द्वारा ड्राइविंग।
  • अनधिकृत रेसिंग।
  • क्राइम में वाहन उपयोग।
  • रेगुलर कोर्ट पेंडिंग केस।
  • दूसरे राज्य के चालान।

जरूरी दस्तावेज और पूरा प्रोसेस

लोक अदालत में पहुंचने के लिए:

  • टोकन प्रिंटआउट/अपॉइंटमेंट SMS।
  • आईडी प्रूफ (आधार/वोटर आईडी/लाइसेंस)।
  • वाहन RC, इंश्योरेंस, PUC।
  • चालान कॉपी।
  • कैश/कार्ड पेमेंट।​

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया: पहले parivahan.gov.in पर चालान चेक करें। ऑनलाइन रजिस्टर कर टोकन लें (नाम, चालान नंबर, वाहन नंबर भरें)। SMS से स्लॉट मिले तो 30 मिनट पहले कोर्ट पहुंचें। टोकन काउंटर पर रजिस्टर करें। नंबर लगे तो जज के सामने दस्तावेज दिखाएं। सुनवाई में माफी/छूट मिलेगी, भुगतान कर रसीद लें। वॉक-इन वाले काउंटर पर भी ट्राई करें अगर टोकन मिस हो गया।​​

यह लोक अदालत 2 लाख चालानों का निपटारा लक्ष्य रखेगी। वाहन चालकों से अपील- ट्रैफिक नियमों का पालन करें, लेकिन आज का मौका न छोड़ें। ज्यादा जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन या वेबसाइट चेक करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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