
आज के समय में हमारा स्मार्टफोन हमारी दुनिया का केंद्र है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी आदत आपके हजारों रुपये के फोन की उम्र कम कर रही है? हम बात कर रहे हैं फोन को रात भर चार्ज करने और उसे हर बार 100% तक खींचने की। हालिया टेक रिपोर्ट्स और बैटरी विशेषज्ञों के शोध से यह साफ हुआ है कि स्मार्टफोन की ‘हेल्थ’ का सीधा संबंध आपकी चार्जिंग आदतों से है।
लिथियम-आयन बैटरी और 100% का तनाव
आज के लगभग सभी स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी का उपयोग होता है। इन बैटरियों की एक सीमित उम्र होती है। जब आप फोन को 80% से ऊपर और विशेष रूप से 100% तक चार्ज करते हैं, तो बैटरी के अंदर के केमिकल्स पर उच्च वोल्टेज का दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैटरी को हमेशा फुल चार्ज रखना एक रबर बैंड को पूरी क्षमता तक खींचने जैसा है।
क्या है 20-80 का नियम?
अधिकतर टेक एक्सपर्ट्स अब ’20-80 रूल’ की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि जब आपका फोन 20% पर पहुंचे तो उसे चार्ज पर लगा दें और जैसे ही वह 80% हो जाए, उसे हटा लें। क्योंकि 20% से नीचे बैटरी ‘डीप डिस्चार्ज’ मोड में जाने लगती है और 80% के बाद वोल्टेज का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इन दोनों ही स्थितियों में बैटरी डैमेज होने का खतरा रहता है।
क्या फोन ‘ओवरचार्ज’ हो सकता है?
यह एक बड़ा मिथक है कि रात भर फोन चार्ज करने से वह फट जाएगा। आधुनिक स्मार्टफोन 100% होते ही पावर सप्लाई काट देते हैं। लेकिन समस्या ‘ट्रिकल चार्जिंग’ की है। जैसे ही फोन 99% होता है, चार्जर फिर से सक्रिय हो जाता है। रात भर यह प्रक्रिया बार-बार चलने से बैटरी का तापमान बढ़ता है, जो उसकी सेहत के लिए हानिकारक है।
बैटरी बचाने के कुछ जरूरी टिप्स
- हमेशा ओरिजनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
- फोन को चार्ज करते समय तकिए के नीचे या गर्म जगह पर न रखें।
- चार्जिंग के दौरान गेमिंग या भारी ऐप का इस्तेमाल करने से बचें।
- फोन की सेटिंग्स में जाकर Optimized Battery Charging फीचर को ऑन रखें।









