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बच्चों के लिए आ गया खास WhatsApp! ये फीचर्स नहीं करेंगे काम; ऐसे करें फटाफट सेटअप

व्हाट्सएप ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट लॉन्च किया। सख्त कंट्रोल से माता-पिता संपर्क, ग्रुप्स और प्राइवेसी मैनेज करेंगे। चैनल्स, स्टेटस, डिसअपीयरिंग चैट्स बंद। QR कोड से आसान सेटअप। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बरकरार। भारत में बढ़ती चिंताओं के बीच यह सुरक्षित मैसेजिंग सुनिश्चित करेगा।

By Pinki Negi

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इंटरनेट की दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मेटा की कंपनी व्हाट्सएप ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों और प्री-टीन्स के लिए एक खास वर्जन लॉन्च कर दिया है। यह पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट फीचर माता-पिता को पूर्ण नियंत्रण देता है, ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से मैसेजिंग कर सकें। मार्च 2026 में रोलआउट हुए इस अपडेट से करोड़ों भारतीय परिवारों को राहत मिली है, जहां ऑनलाइन खतरे और एडिक्शन की समस्या आम हो चुकी है।

क्यों जरूरी था यह फीचर?

आजकल कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त प्रतिबंध लग रहे हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में कानून बन चुके हैं, जो 13-16 साल से कम उम्र वालों को प्लेटफॉर्म्स से दूर रखते हैं। भारत में भी माता-पिता चिंतित हैं, क्योंकि व्हाट्सएप जैसे ऐप में सिर्फ फोन नंबर से कोई भी कनेक्ट हो सकता है। साइबर बुलिंग, अनचाहे मैसेज और एडिक्शन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मेटा ने इस फीचर से बच्चों को ऐप इस्तेमाल की अनुमति दी, लेकिन सख्त पैरेंटल कंट्रोल के साथ। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बरकरार रहेगा, हालांकि अमेरिका में इसकी कानूनी चुनौतियां चल रही हैं।

बंद फीचर्स: सुरक्षा का खास ध्यान

किड्स वर्जन में कई पॉपुलर फीचर्स डिसेबल हैं, ताकि जोखिम कम हो।

  • चैनल्स (Channels): सब्सक्राइब या एक्सेस नहीं।
  • स्टेटस अपडेट्स: शेयरिंग बंद।
  • डिसअपीयरिंग चैट्स: उपलब्ध नहीं।
  • व्यू-ओनली फोटो: भेजना मना।
    ये प्रतिबंध अनजाने कंटेंट से बचाते हैं। माता-पिता के अलावा सभी मैसेज सुरक्षित रहेंगे।

आसान सेटअप प्रक्रिया

सेटअप QR कोड से 5 मिनट में पूरा होता है। दोनों फोन पास रखें।

  1. बच्चे के फोन पर व्हाट्सएप इंस्टॉल करें, ओपन करें।
  2. भाषा चुनें, ‘Agree & Continue’ टैप करें, ‘More options’ से ‘Create a Parent-Managed Account’ चुनें।
  3. बच्चे का नंबर वेरिफाई करें, उम्र (13 से कम) कन्फर्म करें।
  4. माता-पिता के फोन से QR कोड स्कैन करें।
  5. लिंक एग्री करें, 6-अंकीय PIN बनाएं (शेयर न करें)।
  6. ‘Done’ पर सेटअप तैयार।
    बच्चा सिर्फ माता-पिता द्वारा अप्रूvd संपर्कों से चैट कर सकेगा।

पैरेंट कंट्रोल की ताकत

माता-पिता को अकाउंट का पूरा राज मिलता है।

  • संपर्क मैनेज: चुनिंदा लोगों को ही अनुमति।
  • ग्रुप जॉइन: मॉनिटर और ब्लॉक।
  • प्राइवेसी सेटिंग्स: एक्टिविटी चेक, चेंज।
  • PIN से एक्सेस: बच्चा अकेला नहीं बदल पाएगा।
    जब बच्चा 13+ हो जाएगा, नोटिफिकेशन से सामान्य अकाउंट में कन्वर्ट कर सकेंगे। यह फीचर भारत समेत ग्लोबल रोलआउट पर है।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य

जर्नलिस्ट और टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्टेप मेटा की जिम्मेदारी दिखाता है। डॉ. अनुराग शर्मा, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ, बताते हैं, “पैरेंटल कंट्रोल से 70% रिस्क कम हो सकता है।” हालांकि, कुछ यूजर्स प्राइवेसी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। व्हाट्सएप का दावा है कि डेटा शेयरिंग नहीं होगी। भविष्य में और फीचर्स जैसे टाइम लिमिट जोड़े जा सकते हैं। कुल मिलाकर, यह बच्चों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने का सुरक्षित तरीका है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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