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फेसबुक पर अब नहीं चलेगा ‘कॉपी-पेस्ट’ का खेल! शिकायत हुई तो सीधा होगा एक्शन, जानें नई पॉलिसी

मेटा ने फेसबुक पर अनऑरिजिनल कंटेंट रोकने को नया डैशबोर्ड लॉन्च किया। क्रिएटर्स अब आसानी से कॉपी पोस्ट्स रिपोर्ट कर सकेंगे। ओरिजिनल वीडियो को प्रमोट, AI डीपफेक पर नजर। मॉनेटाइजेशन रुकेगा कॉपी-पेस्टर्स का। मार्केटप्लेस में AI चैटबॉट भी। क्रिएटर्स खुश, स्पैम कम होगा।

By Pinki Negi

meta unveils new facebook tools to help creators report copycat content

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ते कॉपी और फर्जी कंटेंट को रोकने के लिए मेटा ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने फेसबुक के लिए नए टूल और अपडेटेड कंटेंट गाइडलाइंस पेश किए हैं, जो ओरिजिनल क्रिएटर्स की रक्षा करेंगे। इन बदलावों से प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड स्पैम और डुप्लिकेट कंटेंट पर लगाम लगेगी।

सेंट्रलाइज्ड रिपोर्टिंग डैशबोर्ड का कमाल

मेटा ने क्रिएटर्स के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड लॉन्च किया है, जहां वे आसानी से कॉपी या इम्पर्सोनेशन कंटेंट की शिकायत दर्ज कर सकेंगे। पहले हर पोस्ट के लिए अलग रिपोर्ट करनी पड़ती थी, लेकिन अब एक जगह से कई शिकायतें संभव हैं। इससे जांच तेज होगी और दोषी अकाउंट्स पर तत्काल कार्रवाई जैसे रीच कम करना या सस्पेंडेशन हो सकेगा। यह सुविधा 2025 से टेस्टिंग में थी और 2026 में पूरी तरह लागू हो गई।​

मेटा के अनुसार, लाखों अकाउंट्स पहले ही हटाए जा चुके हैं जो दूसरों का फोटो, वीडियो या टेक्स्ट चुराते थे। अब सिस्टम ऑटोमैटिक डुप्लिकेट कंटेंट डिटेक्ट करेगा और ओरिजिनल सोर्स से लिंक जोड़ेगा। क्रिएटर्स को क्रेडिट मिलना सुनिश्चित होगा।

ओरिजिनल कंटेंट की नई परिभाषा

फेसबुक ने गाइडलाइंस अपडेट कर साफ किया कि ओरिजिनल कंटेंट वह है जो क्रिएटर ने खुद शूट या प्रोड्यूस किया हो। रीमिक्स वीडियो भी मान्य होंगे अगर वे नया एनालिसिस, चर्चा या वैल्यू ऐड करते हों। मात्र कॉपी-पेस्ट, लो-एफर्ट एडिट्स (जैसे वॉटरमार्क या सबटाइटल जोड़ना) अब प्रतिबंधित हैं। ऐसे कंटेंट की रीच घटेगी, मॉनेटाइजेशन रुकेगा।​

2026 अपडेट में फेसबुक ने स्पष्ट किया कि रिएक्शन वीडियो या ट्रेंड्स में अपनी राय जोड़ना ठीक है, लेकिन बिना क्रेडिट रीपोस्ट नहीं। इससे ओरिजिनल वॉयस को बढ़ावा मिलेगा।

AI डीपफेक और चुनौतियां बरकरार

नए टूल डुप्लिकेट कंटेंट तो पकड़ लेंगे, लेकिन AI जनरेटेड डीपफेक अभी चुनौती हैं। क्रिएटर्स की शक्ल नकल कर फर्जी वीडियो बनाना मुश्किल से डिटेक्ट हो रहा है। यूजर्स की शिकायतों पर मेटा ने सख्ती बढ़ाई, लेकिन पूर्ण समाधान बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता के लिए बड़ा खतरा है।

मार्केटप्लेस में AI का नया रोल

फेसबुक मार्केटप्लेस पर भी AI फीचर आया है। सेलर्स के लिए मेटा AI ग्राहकों के सवालों (जैसे ‘क्या उपलब्ध है?’) का ऑटो जवाब देगा, जिसमें प्राइस, उपलब्धता और लोकेशन शामिल होगा। इससे बिजनेस आसान होगा, लेकिन ओरिजिनल कंटेंट नियम यहां भी लागू।​

क्रिएटर्स और यूजर्स के लिए सलाह

क्रिएटर्स को ओरिजिनल वीडियो, अपनी वॉयस और वैल्यू ऐड पर फोकस करना चाहिए। कॉपी-पेस्ट से बचें, वरना पेज सस्पेंड हो सकता है। रिपोर्टिंग के लिए हेल्प सेंटर का कॉपीराइट फॉर्म इस्तेमाल करें। मेटा का लक्ष्य ऑथेंटिक कंटेंट को प्रमोट करना है, जो यूजर्स को बेहतर अनुभव देगा।​

यह कदम यूट्यूब जैसी प्लेटफॉर्म्स से प्रेरित है। 2026 में लागू अपडेट्स से लाखों क्रिएटर्स लाभान्वित होंगे। मेटा के ब्लॉग के मुताबिक, स्पैमी कंटेंट हटाने से फीड प्रासंगिक बनेगा। कुल मिलाकर, फेसबुक अब क्रिएटिविटी को पुरस्कृत करेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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