Sodium-Ion Battery: HZB टीम ने बनाई फास्ट-चार्जिंग बैटरी, EV इंडस्ट्री में मचेगी धूम

HZB टीम ने फ़ास्ट चार्जिंग बैटरी बनाने का नया रास्ता खोज दिया है। सह-इंटरकलेशन नाम की ख़ास प्रक्रिया के तहत अब नई तकनीक की की बैटरी बनाई जाएंगी जो बहुत ही टिकाऊ और फ़ास्ट चार्ज होने वाली हैं।

By Pinki Negi

Sodium-Ion Battery: HZB टीम ने बनाई फास्ट-चार्जिंग बैटरी, EV इंडस्ट्री में मचेगी धूम

Sodium-Ion Battery: क्या आपने एक बड़ी खबर सुनी की बैटरी बनाने के तरीके में वैज्ञानिकों द्वारा बड़ा बदलाव किया जा रहा है। जी हाँ एक खोज में वैज्ञानिकों ने जाना है कि वे ऐसी बैटरियों का निर्माण कर सकते हैं जो लॉन्ग टाइटल चले और बहुत ही सस्ते दाम में मिलने वाली है। नई खोज के तहत ये बैटरियां बनेगी जो सुपर फ़ास्ट चार्ज होंगी। बैटरी बनाने की पुरानी सोच को सह-इंटरकलेशन नाम की ख़ास प्रक्रिया के तहत बदला जा सकता है।

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सह-इंटरकलेशन क्या है?

कोई भी बैटरी होती है तो उसके अंदर आयन पाए जाते हैं जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते रहते हैं उसे इंटरकैलेशन कहा जाता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि जब आयन और दूसरे विलायक एक साथ चल रहे तो इससे बैटरी चार्ज होने की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी और सह-इंटरकलेशन कहते हैं। शोध से पहले वैज्ञानिक सोचते थे कि यदि इस तकनीक से बैटरियां बनाएगी जाएंगे तो उनकी लाइफ बहुत कम होने वाली है और वे जल्द ही ख़राब हो जाएंगी।

लेकिन जब यह शोध किया गया तो वैज्ञानिकों को समज आ गया कि यदि वे इस तरीके से बैटरी बनाएंगे तो यह बहुत लम्बे समय तक टिकाऊ रहने वाली हैं। यह शोध प्रोफेसर फिलिप एडेल्हेल्म के नेतृत्व में किया गया है और नया तरीका ढूंढ़ा गया जो बहुत ही कामगार साबित होने वाला है। नए तकनीक के इस्तेमाल से सोडियम आयन बैटरी की चार्जिंग स्पीड बहुत ही तीव्र होने वाली है।

ये खोज हे बहुत ख़ास

यह खोज बहुत ही ख़ास है आइए इसके बारे में जानते हैं।

  • खोज में बहुत ही खास जानकारी मालूम पता लगी है कि केथोड़ में यह प्रक्रिया बहुत ही फास्ट हो जाती है और जो बैटरी होगी वह सुपरकैपेसिटर की तरह काम करने वाली होगी।
  • नई तकनीक के तहत यह बैटरी आम बैटरी की तरह जल्दी ख़राब होने वाली नहीं है यानी की यह लम्बे समय तक काम करने वाली है।
  • वैज्ञानिक इस नई तकनीक के प्रयोग से सोडियम आयन बैटरियों को नए तरीके से बनाने वाली है। ये लिथियम आयन बैटरी की तरह ही अच्छी होंगी। इनकी कीमत में भी बहुत कम होने वाली है।

वैज्ञानिक अब पुरानी सोच को बदलकर बड़ा कदम उठा रहें हैं जो बैटरी टेक्नोलॉजी को बदल सकते हैं। भविष्य में नए तकनीक की और सस्ती बैटरियां बन पाएंगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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