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क्या आपके मोबाइल की ‘Expiry Date’ निकल गई है? फोन धीमा होने से पहले ऐसे चेक करें अपनी डिवाइस की उम्र, देखें आसान तरीका

आपका स्मार्टफोन कब तक सुरक्षित है? क्या आप जानते हैं कि अपडेट बंद होते ही फोन 'एक्सपायर' हो जाता है? बैंकिंग फ्रॉड और हैकिंग से बचने के लिए अपने फोन की असली उम्र और सॉफ्टवेयर सपोर्ट चेक करने का यह आसान तरीका अभी जानें।

By Pinki Negi

क्या आपके मोबाइल की 'Expiry Date' निकल गई है? फोन धीमा होने से पहले ऐसे चेक करें अपनी डिवाइस की उम्र, देखें आसान तरीका
मोबाइल की ‘Expiry Date’

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह की शुरुआत से लेकर रात को सोने तक, हम बैंकिंग, UPI पेमेंट, पढ़ाई और ऑफिस के काम के लिए पूरी तरह इसी पर निर्भर हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपका फोन सुरक्षित न रहे तो क्या होगा? फोन का पुराना होना या उसमें सही अपडेट्स न मिलना सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह आपकी निजी जानकारी और बैंक बैलेंस के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। जिस तरह खाने-पीने की चीजों की एक्सपायरी डेट होती है, वैसे ही फोन की सुरक्षा और परफॉर्मेंस की भी एक समय सीमा होती है, जिसे नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

फोन की ‘हिडन’ एक्सपायरी डेट

ज्यादातर लोग मानते हैं कि जब तक फोन चल रहा है, तब तक वह बिल्कुल ठीक है। लेकिन असल में हर स्मार्टफोन की एक ‘छिपी हुई’ एक्सपायरी डेट होती है, जो उसके सॉफ्टवेयर सपोर्ट पर निर्भर करती है। मोबाइल कंपनियाँ एक निश्चित समय (आमतौर पर 2 से 4 साल) तक ही ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट और सिक्योरिटी पैच देती हैं।

हालाँकि कुछ प्रीमियम ब्रांड्स यह सुविधा थोड़े ज्यादा समय के लिए देते हैं, लेकिन जैसे ही ये अपडेट्स मिलना बंद होते हैं, आपका फोन तकनीकी रूप से असुरक्षित हो जाता है। आसान शब्दों में, बिना सिक्योरिटी अपडेट के आपका फोन उन साइबर खतरों और वायरस से नहीं लड़ सकता, जो रोज नए तरीके से इंटरनेट पर आते हैं।

कब आपका फोन बन जाता है एक ‘कमजोर कड़ी’

तकनीकी रूप से, जिस दिन कंपनी आपके फोन को ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) और सिक्योरिटी पैच देना बंद कर देती है, उसी दिन उसे ‘एक्सपायर’ मान लेना चाहिए। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपका फोन अचानक चलना बंद कर देगा या उसकी स्क्रीन ब्लैक हो जाएगी; वह पहले की तरह ही काम करता रहेगा। लेकिन, असली खतरा उसकी सुरक्षा को लेकर है।

बिना नए अपडेट के, आपका फोन इंटरनेट पर मौजूद आधुनिक वायरस और हैकर्स के नए हमलों से निपटने में अक्षम हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो, बिना सिक्योरिटी अपडेट वाला फोन एक ऐसे घर की तरह है जिसके तालों की चाबियाँ अब पुरानी हो चुकी हैं और जिन्हें कोई भी शातिर चोर आसानी से खोल सकता है।

हैकिंग का खतरा और बैंकिंग ऐप्स में रुकावट

जैसे ही फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट मिलना बंद होते हैं, इसका सबसे बुरा असर आपकी सुरक्षा पर पड़ता है। ऐसे फोन साइबर अपराधियों और हैकर्स के लिए बेहद आसान शिकार बन जाते हैं, जिससे आपकी निजी फोटो, मैसेज और डेटा चोरी होने का डर रहता है। इसके अलावा, धीरे-धीरे फोन की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और ऐप्स बार-बार हैंग या क्रैश होने लगती हैं।

सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब बैंकिंग और UPI पेमेंट ऐप्स सुरक्षा कारणों से पुराने सॉफ्टवेयर पर काम करना बंद कर देते हैं। इससे न केवल आपके रोजमर्रा के जरूरी काम अटक सकते हैं, बल्कि आपका डिजिटल लेन-देन भी असुरक्षित हो जाता है।

आपका फोन सुरक्षित है या नहीं? इन 3 आसान तरीकों से खुद करें चेक

यह जानने के लिए कि आपका फोन तकनीकी रूप से एक्सपायर हो चुका है या नहीं, सबसे पहले फोन की सेटिंग्स (Settings) में जाकर ‘सॉफ्टवेयर अपडेट’ सेक्शन देखें। यदि महीनों या सालों से कोई नया सिक्योरिटी पैच नहीं आया है, तो समझ लीजिए कि कंपनी ने सपोर्ट बंद कर दिया है।

दूसरा तरीका है कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने मॉडल का ‘अपडेट सपोर्ट स्टेटस’ चेक करना। इसके अलावा, फोन की मैन्युफैक्चरिंग डेट (निर्माण की तारीख) पर भी गौर करें, जो मोबाइल के बॉक्स या डिवाइस की सेटिंग्स में ‘About Phone’ के अंदर मिल जाती है। आमतौर पर 3-4 साल से पुराने फोन सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो सकते हैं।

पुराना फोन इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी

अगर आपके फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट मिलना बंद हो गया है, तो उसे बैंकिंग या निजी डेटा के लिए इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे फोन में वित्तीय लेन-देन करना आपकी मेहनत की कमाई को जोखिम में डाल सकता है। समझदारी इसी में है कि ऐसे डिवाइस को केवल सामान्य कामों (जैसे गाने सुनना या कैमरा इस्तेमाल करना) के लिए ही रखें।

यदि आप डिजिटल पेमेंट और पर्सनल काम ज्यादा करते हैं, तो नए और सुरक्षित स्मार्टफोन पर शिफ्ट होना सबसे बेहतर फैसला है। एक अपडेटेड फोन न सिर्फ अच्छी स्पीड देता है, बल्कि साइबर हमलों के खिलाफ आपके डेटा और प्राइवेसी की मजबूत ढाल भी बनता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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