
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बुरी खबर! साइबर सिक्योरिटी की दिग्गज कंपनी McAfee के शोधकर्ताओं ने एक भयानक खुलासा किया है। उन्होंने Google Play Store पर मौजूद 50 से ज्यादा एंड्रॉयड ऐप्स की पहचान की है, जो चुपचाप यूजर्स के फोन को हैक कर रहे थे। ये ऐप्स हटाए जाने से पहले 23 लाख से अधिक बार डाउनलोड हो चुके थे, जिससे लाखों डिवाइस खतरे की जद में आ गए। अगर आपने हाल के महीनों में फोन क्लीनर, पजल गेम या फोटो एडिटिंग ऐप इंस्टॉल किया है, तो आपका बैंक अकाउंट भी जोखिम में हो सकता है।
Operation NoVoice
इस साइबर हमले को ‘Operation NoVoice’ नाम दिया गया है, जो NoVoice मैलवेयर पर आधारित है। सतह पर ये ऐप्स बिल्कुल सामान्य लगते हैं- फाइलें साफ करने वाले क्लीनर, मजेदार पजल गेम्स या फोटो को खूबसूरत बनाने वाले एडिटर्स। लेकिन पर्दे के पीछे ये एक खतरनाक Rootkit मैलवेयर हैं, जो फोन के सिस्टम में इतनी गहराई तक घुस जाते हैं कि एंटीवायरस तक इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाते।
जैसे ही यूजर ऐप डाउनलोड करता है, यह रिमोट सर्वर से जुड़ जाता है और फोन की डिवाइस डिटेल्स, सॉफ्टवेयर वर्जन व सिक्योरिटी अपडेट्स चुरा लेता है।
हैकर्स का पूरा कंट्रोल
हैकर्स को पूरी जानकारी मिलते ही वे कस्टम कोड भेजते हैं, जो सफल होने पर फोन पर ‘रूट एक्सेस’ दिला देता है। इसका मतलब? हैकर्स फोन पर राजा बन जाते हैं! वे सिस्टम फाइल्स बदल सकते हैं, नए ऐप्स इंस्टॉल-डिलीट कर सकते हैं और बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच सकते हैं। सबसे डरावनी बात- यह मैलवेयर फैक्ट्री रीसेट पर भी जिंदा रहता है, क्योंकि यह रिकवरी स्क्रिप्ट्स में छिप जाता है। फोन को पूरी तरह साफ करने के लिए सॉफ्टवेयर दोबारा इंस्टॉल करना पड़ सकता है। पुराने एंड्रॉयड वर्जन वाले फोन सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं, लेकिन नए डिवाइस भी अगर संक्रमित ऐप डाउनलोड कर चुके हैं तो खतरा बरकरार है।
भारत में गंभीर संकट
यह मुद्दा भारत जैसे देशों में और गंभीर है, जहां लोग अक्सर फ्री ऐप्स की होड़ में सतर्कता भूल जाते हैं। पिछले साल फर्जी लोन ऐप्स ने हजारों अकाउंट खाली किए, और अब NoVoice ने प्ले स्टोर की साख पर सवाल उठाए हैं। Google ने इन ऐप्स को अब ब्लॉक कर दिया है, लेकिन पहले ही लाखों डाउनलोड हो चुके हैं। McAfee की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मैलवेयर पुरानी एंड्रॉयड कमजोरियों का फायदा उठाता है और यूजर डेटा चोरी कर ब्लैकमेलिंग या फाइनेंशियल फ्रॉड करता है।
खुद को कैसे बचाएं?
सबसे पहले फोन के ऐप्स लिस्ट चेक करें- अगर कोई संदिग्ध क्लीनर या गेम दिखे, तो तुरंत डिलीट करें। फोन को हमेशा लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट के साथ रखें। नए ऐप डाउनलोड से पहले डेवलपर, रिव्यूज और परमिशन्स स्कैन करें। थर्ड-पार्टी APK से दूर रहें। अगर शक हो, तो 1930 पर साइबर हेल्पलाइन कॉल करें। McAfee जैसे ऐंटीवायरस इंस्टॉल रखें। यह सतर्कता ही आपको डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखेगी।









