
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कराने वाले दिग्गज प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में 17 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। नए नियम के तहत, अब हर फूड ऑर्डर पर ग्राहकों को 14.99 रुपये के बजाय 17.58 रुपये (जीएसटी सहित) अतिरिक्त चुकाने होंगे। यह बदलाव 23 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है और इसका असर देशभर के करोड़ों फूड लवर्स की जेब पर सीधे पड़ेगा।
फीस में कितनी हुई बढ़ोतरी?
स्विगी ऐप की नई बिलिंग संरचना के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में सीधे 2.59 रुपये का इजाफा किया गया है। पहले यह फीस 14.99 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि ‘प्लेटफॉर्म के संचालन, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव’ की बढ़ती लागत को पूरा करने के उद्देश्य से की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2025 में भी स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में करीब 2 रुपये की वृद्धि की थी, जब यह फीस 12 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये की गई थी।
जोमैटो के नक्शेकदम पर स्विगी
यह कदम स्विगी ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी जोमैटो (Zomato) के ठीक बाद उठाया है। जोमैटो ने कुछ दिन पहले ही प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 प्रतिशत या 2.40 रुपये प्रति ऑर्डर की बढ़ोतरी की थी। जोमैटो की नई फीस 12.50 रुपये से बढ़कर 14.90 रुपये (जीएसटी से पहले) हो गई थी, जो कर सहित 17.58 रुपये बनती है। दोनों कंपनियों के बीच अब प्लेटफॉर्म फीस के मामले में बराबरी हो गई है। जोमैटो ने इससे पहले फरवरी 2025 में त्योहारी सीजन के दौरान फीस को 6 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये किया था, जबकि सितंबर 2025 में आखिरी बार संशोधन हुआ था।
LPG कीमतों में इजाफे का असर
प्लेटफॉर्म फीस में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है, जब देश में एलपीजी (LPG) की किल्लत और कीमतों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ने से रेस्तरां की संचालन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका असर अब फूड डिलीवरी ऑर्डर पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी लागत बढ़ी है, जिसका बोझ कंपनियां अब ग्राहकों पर डाल रही हैं।
स्विगी के शेयरों में उछाल
बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। फीस बढ़ोतरी की खबर के बाद स्विगी के शेयरों में तेजी देखी गई। दोपहर 12:30 बजे के कारोबार में स्विगी का शेयर 2.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 279.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, दीर्घकालिक प्रदर्शन की बात करें तो बीते एक हफ्ते में शेयर 5 प्रतिशत से अधिक और एक महीने में 10 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुका है। वहीं, बीते छह महीनों में इसमें 36 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। विश्लेषकों का कहना है कि फीस बढ़ोतरी से कंपनी की प्रति ऑर्डर कमाई में सुधार होगा, जिससे निवेशकों में नई उम्मीदें जागी हैं।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता महीने में 10 बार ऑर्डर करता है, तो उसे अब पहले से करीब 25-26 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। डिलीवरी चार्ज, टैक्स और प्लेटफॉर्म फीस को मिलाकर एक औसत ऑर्डर की कुल लागत में 40 से 50 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह फीस शहर और लोकेशन के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती है, लेकिन अधिकांश मेट्रो शहरों में नई दरें लागू हो गई हैं। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे स्विगी वन (Swiggy One) जैसे सब्सक्रिप्शन प्लान का लाभ उठाएं, जिनमें कई बार प्लेटफॉर्म फीस माफ होती है।









