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SC-ST को नहीं मिले क्रीमी लेयर का लाभ, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

क्या अब एससी-एसटी आरक्षण में भी लागू होगी 'क्रीमी लेयर'? सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। जानें क्या है वह दलील जिसने आरक्षण की बहस को फिर से गरमा दिया है और इस फैसले का करोड़ों लोगों पर क्या असर होगा।

By Pinki Negi

SC-ST को नहीं मिले क्रीमी लेयर का लाभ, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब
SC-ST को नहीं मिले क्रीमी लेयर का लाभ

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ (संपन्न वर्ग) को बाहर करने की मांग वाली याचिका पर अहम सुनवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब माँगा है।

याचिका में तर्क दिया गया है कि वर्तमान में आरक्षण का अधिकांश लाभ इसी वर्ग के अमीर और प्रभावशाली लोग उठा रहे हैं, जिसके कारण वास्तव में जरूरतमंद और गरीब दलित व आदिवासी पीछे छूट रहे हैं। अब कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या ओबीसी की तरह ही एससी-एसटी आरक्षण में भी संपन्न लोगों को लाभ से वंचित कर इसका फायदा केवल गरीबों तक पहुँचाया जाना चाहिए।

SC/ST जातियों के भीतर ‘कोटा’ और ‘क्रीमी लेयर’ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 को अपने 20 साल पुराने आदेश को बदलते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें अब अनुसूचित जाति (SC) के भीतर सब-कैटेगरी (उप-वर्गीकरण) बना सकती हैं, ताकि जो जातियाँ सबसे पिछड़ी हैं, उन्हें आरक्षण का अधिक लाभ मिल सके।

सात जजों की बेंच ने यह भी साफ किया कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 341 का उल्लंघन नहीं है। फैसले के दौरान जस्टिस बी.आर. गवई ने महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि राज्यों को एससी-एसटी ग्रुप के भीतर भी ‘क्रीमी लेयर’ की पहचान करनी चाहिए और एक ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे संपन्न लोगों को हटाकर आरक्षण का फायदा केवल असली हकदार गरीबों तक पहुँचाया जा सके।

SC-ST कोटे में लागू नहीं होगी ‘क्रीमी लेयर’

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ का प्रावधान लागू नहीं करेगी। अगस्त 2024 में हुई कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार के रुख की जानकारी देते हुए कहा कि एनडीए सरकार बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का तर्क है कि मूल संविधान में एससी-एसटी आरक्षण के भीतर क्रीमी लेयर जैसा कोई नियम नहीं है, इसलिए इसे मौजूदा व्यवस्था में शामिल करने का कोई विचार नहीं है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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