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Reservation vs General Category: नौकरी में आरक्षण और जनरल वर्ग के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जानें किसे मिलेगा फायदा

आरक्षण और मेरिट की जंग पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण विराम लगा दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मेधावी आरक्षित उम्मीदवार अब जनरल सीटों के हकदार होंगे। जानें इस फैसले से आपकी नौकरी और सरकारी भर्ती के नियमों पर क्या असर पड़ेगा।

By Pinki Negi

Reservation vs General Category: नौकरी में आरक्षण और जनरल वर्ग के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जानें किसे मिलेगा फायदा
Reservation vs General Category

नौकरी और शिक्षा में आरक्षण हमेशा से भारत में चर्चा का विषय रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान आरक्षण (Reservation) और सामान्य वर्ग (General Category) के अधिकारों को लेकर एक ऐसी व्यवस्था दी है, जो भविष्य की सभी सरकारी भर्तियों के लिए नजीर बन गई है।

इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘मेरिट’ और ‘कोटा’ एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय के दो पहलू हैं।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि सामान्य वर्ग (Open Category) किसी विशेष जाति के लिए आरक्षित नहीं है। यह एक ‘ओपन’ कैटेगरी है जिसमें मेरिट के आधार पर कोई भी स्थान बना सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) का कोई उम्मीदवार अपनी मेहनत और मेरिट के दम पर सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो उसे सामान्य वर्ग की सीट पर ही गिना जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • मेरिट को प्राथमिकता: आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्र सामान्य श्रेणी की सीटों पर कब्जा कर सकते हैं।
  • कोटा सुरक्षित रहेगा: यदि कोई आरक्षित उम्मीदवार जनरल सीट ले जाता है, तो उसकी अपनी कैटेगरी की सीट खाली रहेगी, जिसका लाभ उसी कैटेगरी के दूसरे उम्मीदवार को मिलेगा।
  • ओपन कैटेगरी का अर्थ: कोर्ट ने साफ किया कि ‘जनरल कैटेगरी’ का मतलब ‘सक्षम वर्ग’ नहीं, बल्कि ‘खुली प्रतियोगिता’ है।

किसे मिलेगा इसका सबसे बड़ा फायदा?

इस फैसले का सीधा लाभ आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC) के उन छात्रों को मिलेगा जो पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं।

  1. प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को प्रोत्साहन: अब आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को यह डर नहीं रहेगा कि अच्छा स्कोर करने के बावजूद उन्हें सिर्फ उनके कोटे तक सीमित रखा जाएगा।
  2. पिछड़ों को दोहरा लाभ: जब एक मेधावी आरक्षित उम्मीदवार जनरल सीट पर जाता है, तो वह अपनी कैटेगरी की एक सीट पीछे वाले उम्मीदवार के लिए छोड़ देता है। इससे नीचे की रैंक वाले आरक्षित उम्मीदवारों के चयन की संभावना बढ़ जाती है।

जनरल कैटेगरी और EWS पर क्या होगा असर?

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के मन में अक्सर यह शंका रहती है कि इस नियम से उनकी सीटें कम हो जाएंगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है:

  • EWS आरक्षण: कोर्ट ने 10% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण को बरकरार रखा है, जो विशेष रूप से सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए है।
  • प्रतिस्पर्धा की स्पष्टता: यह फैसला स्पष्ट करता है कि जनरल सीटें केवल ‘ऊंची जातियों’ के लिए आरक्षित नहीं हैं, बल्कि यह ‘खुले मुकाबले’ का क्षेत्र है। यहाँ केवल वही टिकेगा जिसकी मेरिट ऊंची होगी।

भर्ती प्रक्रिया में क्या बदल जाएगा?

अब सरकारी विभागों को भर्ती के दौरान ‘वर्टिकल रिजर्वेशन’ के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

  • चयन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले जनरल (Open) लिस्ट तैयार की जाएगी।
  • इसमें जाति देखे बिना टॉप स्कोरर्स को रखा जाएगा।
  • इसके बाद आरक्षित श्रेणियों की सीटों को भरा जाएगा।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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