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Rajasthan SI Exam: राजस्थान SI परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! स्थगित करने से इनकार, अब इस दिन होगा एग्जाम

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान SI/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा‑2025 को 5–6 अप्रैल 2026 को स्थगित करने से इनकार कर दिया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनके परिणाम राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय तक रोके रखे जाएंगे।

By Pinki Negi

Rajasthan SI Exam: राजस्थान SI परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! स्थगित करने से इनकार, अब इस दिन होगा एग्जाम

राजस्थान सब‑इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर (SI/PC) भर्ती परीक्षा 2025 से संबंधित राज्य भर की चर्चा का केंद्र बने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश सुनाते हुए 5 और 6 अप्रैल 2026 को निर्धारित परीक्षा को रोक या स्थगित करने से साफ‑साफ इनकार कर दिया। दो सदस्यीय पीठ ने एसएलपी (सिविल) संख्या 38278/2025 से उपस्थित विविध आवेदनों पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट किया कि परीक्षा की दिनांक में बदलाव नहीं किया जाएगा, हालांकि अभ्यर्थियों को एक सीमित किस्म की राहत देते हुए उनकी भागीदारी को “अस्थायी” रखा गया है।

हाईकोर्ट की लंबित अपीलों पर तर्क‑वितर्क

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने आवेदकों की ओर से उठाई गई चार सप्ताह के लिए परीक्षा स्थगित करने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित अपीलों में फैसला तो अभी काफी देर तक टल सकता है, लेकिन इसके आधार पर जो तैयारियां राज्य ने वर्षों से चल रखी हैं, उनमें बड़े पैमाने पर देरी या रोक लगाना जनहित के विरुद्ध होगा।

आवेदकों की ओर से तर्क दिया गया था कि यदि उच्च न्यायालय में सुरक्षित रखे गए निर्णयों का खुलासा नहीं होता, तो परीक्षा आयोजित होने से उनके मूल अधिकार प्रभावित हो जाएंगे और भविष्य में न्यायिक निर्णय के बाद उनकी स्थिति काफी जटिल हो सकती है।

राज्य की ओर से की गई दलीलें

इसके विपरीत, राजस्थान राज्य की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने किसी भी तरह की स्थगन या देरी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा एक बड़ा अवसर है, जिसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत व्यवस्थाएं, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनका तर्क था कि अचानक परीक्षा रोक देने से व्यापक सामाजिक और प्रशासनिक अव्यवस्था उत्पन्न होगी, परीक्षा‑संबंधी व्यय का दोहराव होगा, और जिन अभ्यर्थियों ने महीनों की मेहनत से तैयारी की है, उनका जीवन‑काल अनावश्यक रूप से प्रभावित होगा।

आवेदकों को सीमित राहत और प्रोविजनल भागीदारी

इन दोनों विपरीत पक्षों के तर्कों को संतुलित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बीच का रास्ता निकाला। उन्होंने परीक्षा को ही स्थगित न करने पर जबरदस्त रूप से बल दिया, लेकिन आवेदकों और उनके समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देकर उनकी आने वाली न्यायिक लड़ाई को कमजोर न होने दिया।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यर्थियों के परिणाम तब तक घोषित नहीं किए जाएंगे, जब तक राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित मामलों का अंतिम निर्णय नहीं सुनाया जाता। इस तरह उनकी परीक्षा‑भागीदारी पूरी तरह “प्रोविजनल” रहेगी और आगे के आदेशों के अधीन होगी, जिससे उनके पक्ष में कोई भी प्री‑फैसल या समानता (equity) उत्पन्न नहीं होगी।

2021 की भर्ती पृष्ठभूमि और भविष्य की दिशा

यह पूरा विवाद राजस्थान में वर्ष 2021 की SI भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि से जुड़ा है, जिसमें पेपर लीक, भ्रष्टाचार और न्यायिक जांच के गंभीर आरोप सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने पुरानी प्रक्रिया को रद्द करते हुए नई भर्ती अधिसूचनाएं जारी कीं और अलग‑अलग चरणों में नई परीक्षाएं आयोजित करने की योजना बनाई। इसी दौरान उच्च न्यायालय में कई अपीलें दायर हुईं, जिनमें आरक्षण, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और पेपर‑लीक जैसे मुद्दों पर विवाद चल रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश से इन अपीलों का अंतिम निर्णय निर्णायक बन जाएगा, क्योंकि वही यह तय करेगा कि परीक्षा के परिणाम को अंतिम रूप कब दिया जा सकता है और किन शर्तों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने न केवल राजस्थान SI भर्ती परीक्षा‑2025 को उसी निर्धारित तिथि पर आयोजित होने की राह साफ की है, बल्कि अभ्यर्थियों के लिए एक कानूनी ढांचा भी निर्धारित कर दिया है, जिसमें उनकी भागीदारी तो रहेगी, लेकिन नतीजा अंतिम न्यायिक निर्णय तक लटका रहेगा। इस फैसले का असर अब आगे चलने वाली भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भी निर्देशक माना जा रहा है, खासतौर पर उन मामलों में जहां चयन प्रक्रिया और न्यायिक विवाद साथ‑साथ चल रहे हों।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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