
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) लंबे समय से सुरक्षित निवेश का प्रतीक रहा है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) के लिए यह खासतौर पर आकर्षक है। ज्यादातर बैंक सामान्य ग्राहकों से 0.25% से 0.75% ज्यादा ब्याज देते हैं, जो रिटायरमेंट के बाद आय के सीमित स्रोतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की गाइडलाइंस के तहत बैंक अपने बोर्ड की मंजूरी से सीनियर सिटीजन FD स्कीम चला सकते हैं, जिसमें फिक्स्ड और ऊंची दरें सुनिश्चित होती हैं।
रिटायरमेंट के बाद वित्तीय चुनौतियां
रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों की वित्तीय जरूरतें बढ़ जाती हैं- चिकित्सा खर्च, दैनिक जरूरतें और मुद्रास्फीति से जूझना पड़ता है। FD पर अतिरिक्त ब्याज (औसतन 0.50%) नियमित आय देता है, जैसे मासिक या तिमाही पेआउट, जो पेंशन का काम करता है। RBI के मास्टर सर्कुलर के अनुसार, यह सुविधा केवल डोमेस्टिक निवासी सीनियर सिटीजन के लिए है; NRI या HUF पर लागू नहीं होती। सुपर सीनियर (80+ वर्ष) को कुछ बैंक 0.65% तक अतिरिक्त देते हैं, जो उनकी लंबी उम्र को प्रोत्साहित करता है।
बैंकों को लंबी अवधि का फायदा
बैंकों को इससे फायदा भी है। वरिष्ठ नागरिक लंबी अवधि (5-10 वर्ष) के लिए निवेश पसंद करते हैं, जो बैंकों को स्थिर फंडिंग देता है। यह बचत को बढ़ावा देता है और युवाओं को भी प्रेरित करता है। ग्राहक वफादारी बढ़ती है, जिससे बैंक अन्य सेवाएं जैसे लोन (FD का 90% तक) या इंश्योरेंस बेच पाते हैं।
प्रमुख बैंकों की दरें (मार्च 2026 तक)
निवेश के अतिरिक्त लाभ
कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8% तक पहुंच रहे हैं, जबकि सरकारी बैंक स्थिरता देते हैं। उदाहरणस्वरूप, ₹10 लाख की 5-वर्षीय FD पर SBI में सीनियर को ₹3 लाख+ ब्याज मिल सकता है। अन्य लाभ: नामांतरण आसान, कम जोखिम और DICGC बीमा (₹5 लाख तक)।
यह व्यवस्था बैंकों, निवेशकों और अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक है। RBI ने 2025 मास्टर डायरेक्शन में इसे मजबूत किया, ताकि बुजुर्गों को बाजार उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिले। निवेश से पहले नवीनतम दरें जांचें।









