
2026 खगोलीय आश्चर्यों का वर्ष बन चुका है। 3 मार्च को पहले चंद्र ग्रहण ने भारत समेत दुनिया भर में लाखों को मंत्रमुग्ध किया, अब वैज्ञानिकों और ज्योतिषियों की नजरें 27-28 अगस्त को लगने वाले दूसरे व अंतिम चंद्र ग्रहण पर हैं। यह गहरा आंशिक ग्रहण चंद्रमा के 93-96% भाग को पृथ्वी की गहरी छाया (umbra) में डुबो देगा, जिससे ‘सुपर ब्लड मून’ की तांबे-लाल चमक दिखेगी। पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की नीली-हरी किरणें छांटकर लाल रोशनी को चांद पर बिखेरेगा, मानो आकाश में जलता गोला लटक रहा हो।
समय सारिणी: लंबा और रोमांचक ग्रहण
ग्रहण 28 अगस्त सुबह 1:23 UTC (भारतीय समय 6:53 बजे) से प्रारंभ होकर 7:02 UTC (12:32 बजे IST) तक चलेगा- कुल 5 घंटे 39 मिनट। चरम बिंदु 4:41 UTC (10:11 बजे IST) पर, जब चांद का अधिकांश हिस्सा लालिमा से जगमगाएगा। पेनम्ब्रा चरण 2:33 UTC से 5:51 UTC तक रहेगा। यह ‘स्टर्जन मून’ (पूर्णिमा) पर संयोग से सुपरमून जैसा विशाल व चमकीला दिखेगा। नंगी आंखों से पूरी तरह सुरक्षित, दूरबीन से क्रेटर व रंगों का नजारा और भी मनोरम।
दृश्यता: भारत-अदृश्य, वैश्विक उत्सव
भारत व अधिकांश एशिया में रात्रि गहराई के बाद समाप्त होने से दिखाई नहीं देगा, अत: सूतक काल (ग्रहण से 12 घंटे पूर्व) लागू नहीं। उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका (न्यूयॉर्क: 27 अगस्त रात 9:23 से 28 सुबह 3:01), यूरोप (पूर्वी भाग), अफ्रीका, प्रशांत-अटलांटिक महासागर, आइसलैंड, ग्रीनलैंड में पूर्ण दृश्य। पूर्वी अमेरिका में सूर्योदय के साथ दुर्लभ ‘सेलेनेलियन’ प्रभाव, पश्चिमी तट पर उंचा क्षितिज। पूर्वी एशिया व ऑस्ट्रेलिया में आंशिक चमक। मौसम पूर्वानुमान: अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम में साफ आकाश संभावित।
सूतक के तीन प्रमुख वर्जित कार्य
अदृश्य होने से धार्मिक पाबंदी शिथिल, किंतु परंपरावादी सावधान:
- खान-पान बंद: ग्रहण काल में अशुद्धि मान्य, रसोई प्रयोग न करें।
- पूजा-अनुष्ठान स्थगित: मांगलिक कार्य, जन्म-मृत्यु संस्कार टालें।
- बाहरी गतिविधि निषिद्ध: नदी-स्नान, बाहर निकलना वर्जित; नकारात्मक प्रभाव से बचाव।
ग्रहण समाप्ति पर स्नान, दान (गंगाजल, काले तिल, चावल, गुड़) शुभ। गर्भिणियां घर में हीलिंग संगीत सुनें। ज्योतिष: चंद्रमा सिंह राशि में, भावनात्मक उतार-चढ़ाव संभव।









