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शादी-बर्थडे पर अब कैश की जगह दें ‘म्यूचुअल फंड गिफ्ट कार्ड’! SEBI का बड़ा प्रस्ताव, जानें ₹50,000 की लिमिट के नियम

SEBI ने म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए गिफ्ट कार्ड यानी गिफ्ट प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (Gift PPI) की शुरुआत का प्रस्ताव रखा है, जिसका मकसद गिफ्ट कल्चर के ज़रिए नए निवेशकों को जोड़ते हुए वित्तीय समावेशन बढ़ाना है। प्रस्ताव के तहत गिफ्ट PPI सिर्फ बैंक ट्रांसफर या UPI से लोड होंगे, एक साल तक वैध रहेंगे और इनके ज़रिए, ई‑वॉलेट व कैश को मिलाकर, प्रति निवेशक प्रति AMC प्रति वित्त वर्ष अधिकतम 50,000 रुपये तक ही निवेश की अनुमति होगी, जिसकी निगरानी RTAs करेंगे।

By Pinki Negi

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बाज़ार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड में निवेश को और आसान व आकर्षक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (Gift PPI) के जरिए निवेश की व्यवस्था प्रस्तावित की है। अगर यह ढांचा लागू हो जाता है तो आप शादी, बर्थडे या अन्य मौकों पर अपने दोस्तों‑रिश्तेदारों को सीधे म्यूचुअल फंड निवेश “गिफ्ट” कर सकेंगे।

क्या है सेबी का नया प्रस्ताव

सेबी ने मंगलवार को जारी अपने कंसल्टेशन पेपर में सुझाव दिया है कि म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश के लिए विशेष गिफ्ट कार्ड या गिफ्ट PPI की शुरुआत की जाए। इसका लक्ष्य खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाकर वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और लोगों को पारंपरिक कैश‑गिफ्ट से आगे बढ़कर निवेश‑आधारित उपहारों की तरफ प्रोत्साहित करना है। प्रस्ताव के मुताबिक कोई भी व्यक्ति यह प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट खरीदकर किसी दूसरे को गिफ्ट कर सकेगा और प्राप्तकर्ता उसी राशि से म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीद पाएगा।

कैसे काम करेगा Gift PPI

कंसल्टेशन पेपर में साफ किया गया है कि इन गिफ्ट PPIs को केवल इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर या UPI के जरिए, किसी भारतीय बैंक खाते से ही फंड किया जा सकेगा, नकद लोडिंग की अनुमति नहीं होगी। ये कार्ड जारी होने की तारीख से अधिकतम एक साल तक वैध रहेंगे और इस अवधि में ही इनका इस्तेमाल कर म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदी जानी होंगी; रकम को लंबे समय तक निष्क्रिय बैलेंस के रूप में रखने की गुंजाइश नहीं होगी। सेबी ने यह भी प्रस्तावित किया है कि गिफ्ट PPI नॉन‑रीलोडेबल हों, यानी एक बार रकम लोड होने के बाद उन्हें दोबारा रिचार्ज नहीं किया जा सकेगा।

50,000 रुपये की सालाना सीमा और निगरानी

सेबी ने सुझाव दिया है कि गिफ्ट PPIs के जरिए किए गए निवेश पर सख्त सीमा लागू हो, ताकि यह चैनल छोटे टिकट और नियंत्रित निवेश के लिए उपयोग हो। प्रस्ताव के मुताबिक, एक निवेशक प्रति AMC, प्रति वित्त वर्ष, गिफ्ट PPI, ई‑वॉलेट और कैश- इन तीनों माध्यमों के जरिए मिलाकर अधिकतम 50,000 रुपये तक ही निवेश कर सकेगा। रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTAs) को AMCs की ओर से यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे हर निवेशक का AMC‑वार सालाना डेटा ट्रैक करें और देखें कि 50,000 रुपये की सीमा पार न हो।

अगर किसी रिडेम्पशन या ट्रांजैक्शन के कारण यह लिमिट क्रॉस होने की स्थिति बनती है तो RTA उस डील को रद्द कर देगा और गिफ्ट PPI की फेस वैल्यू वापस उस एस्क्रो खाते में भेज दी जाएगी, जहां से कार्ड जारी हुआ था।

गिफ्ट कल्चर, डिजिटल पेमेंट और निवेश की आदत

सेबी ने अपने पेपर में माना है कि पारंपरिक रूप से गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड सॉल्यूशन का इस्तेमाल रिटेल शॉपिंग में रहा है, लेकिन डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार के साथ इनका चलन तेज़ी से बढ़ा है। तुरंत डिलीवरी, सीमित जोखिम और बेहतर सुरक्षा के कारण लोग इन्हें खास मौकों पर गिफ्ट के रूप में पसंद कर रहे हैं।

अब यही मॉडल म्यूचुअल फंड निवेश से जोड़ा जा रहा है, ताकि युवा और नए निवेशक बिना जटिल प्रक्रिया के सीधे मार्केट‑लिंक्ड प्रोडक्ट्स में पहला कदम रख सकें। यह प्रस्ताव एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की सिफारिश के बाद सामने आया, जिसने सेबी से गिफ्ट PPI को म्यूचुअल फंड में निवेश का माध्यम बनाने की अनुमति मांगी थी।

आगे की प्रक्रिया: जनता से सुझाव

फिलहाल यह केवल ड्राफ्ट स्तर का प्रस्ताव है और सेबी ने इस पर आम जनता, उद्योग जगत और अन्य स्टेकहोल्डर्स से 14 अप्रैल तक टिप्पणियां मांगी हैं। फीडबैक का अध्ययन करने के बाद ही रेगुलेटर अंतिम नियम जारी करेगा, जिसमें लिमिट, वैलिडिटी, KYC और निगरानी से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। यदि प्रस्ताव मौजूदा स्वरूप में लागू होता है, तो त्योहारों, शादियों और जन्मदिनों पर “म्यूचुअल फंड गिफ्ट कार्ड” नया नॉर्मल बन सकता है, जो कैश गिफ्ट के साथ‑साथ निवेश की आदत भी गिफ्ट करेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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