
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों को एक बड़े फर्जीवाड़े के प्रति आगाह किया है। फरवरी 2026 के अंतिम दिनों में जारी इस चेतावनी ने पूरे बाजार को हिला दिया है। जालसाज SEBI के आधिकारिक लेटरहेड, लोगो, मुहर और अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करके फर्जी नोटिस भेज रहे हैं। इन नोटिसों में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) के नाम पर निवेशकों से पैसे मांगे जा रहे हैं। SEBI ने साफ शब्दों में कहा है कि ये नोटिस उसके द्वारा जारी नहीं किए गए हैं और निवेशकों को किसी भी झांसे में आकर पैसा ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।
फर्जी नोटिसों का खतरनाक खेल
SEBI के संज्ञान में आया है कि धोखेबाज वित्त अधिनियम, 2004 के तहत STT अनुपालन की मांग करते हुए जाली नोटिस भेज रहे हैं। ये नोटिस SEBI अधिनियम, 1992 का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं। असलियत यह है कि शेयर बाजार में खरीद-बिक्री के दौरान STT ब्रोकर द्वारा स्वतः काट लिया जाता है। SEBI कभी भी निवेशकों को सीधे STT नोटिस जारी नहीं करता, न ही RBI के साथ मिलकर ऐसी कोई वसूली करता है। जालसाज फर्जी बैंक खातों या UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं, जिससे निवेशकों को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। हालिया मामलों में मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों के निवेशक शिकार बने हैं।
SEBI अधिकारियों के नाम की नकल करके ईमेल, SMS या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया जा रहा है। ये फर्जी संदेश आधिकारिक लगते हैं, लेकिन जांच पर पता चलता है कि ईमेल आईडी @sebi.gov.in से समाप्त नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि यह साइबर फ्रॉड का नया रूप है, जो डर और लालच दोनों का फायदा उठाता है। 25-26 फरवरी को मीडिया रिपोर्ट्स में कई केस सामने आए।
जोखिम-मुक्त रिटर्न का झांसा
SEBI ने केवल STT फ्रॉड ही नहीं, बल्कि फर्जी ‘अकाउंट हैंडलर’ और फंड मैनेजरों से भी सावधान किया है। ये ठग जोखिम-मुक्त लाभ (risk-free returns) का वादा करते हैं। वे पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) या खाता संचालन का दावा करते हुए ट्रेडिंग खाते की यूजर आईडी, पासवर्ड या OTP मांगते हैं। मुनाफे का हिस्सा वसूलते हैं, लेकिन नुकसान होने पर सारा बोझ निवेशक पर डाल देते हैं। SEBI स्पष्ट करता है कि शेयर बाजार में कोई गारंटीड रिटर्न संभव नहीं। रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार ही ऐसी सेवाएं दे सकते हैं।
बचाव के आसान उपाय
निवेशकों को सुरक्षित रहने के लिए SEBI ने व्यावहारिक सलाह दी है:
- नोटिस वेरिफाई करें: SEBI की आधिकारिक वेबसाइट sebi.gov.in पर जाकर जांचें। ‘SEBI चेक’ सुविधा से QR कोड स्कैन कर UPI आईडी या बैंक खाते की प्रामाणिकता पता करें।
- भुगतान न करें: फर्जी नोटिस में दिए खातों में कभी पैसे न भेजें।
- निजी जानकारी सुरक्षित रखें: OTP, पासवर्ड या डीमैट डिटेल्स शेयर न करें।
- शिकायत करें: SCORES पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1800-XXX-XXXX पर कॉल करें। स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को भी सूचित करें।
NSE ने भी समान चेतावनी जारी की है, निवेशकों से SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर ही इस्तेमाल करने को कहा।
निवेशकों पर प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां
2026 में शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो चुकी है। ऐसे फ्रॉड से बाजार का भरोसा कमजोर हो रहा है। SEBI ने प्रवर्तन आदेश वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की नीति सख्त की है। लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। वित्तीय विशेषज्ञ लालच और डर से दूर रहने की सलाह देते हैं। अगर आपको कोई संदिग्ध नोटिस मिला हो, तो तुरंत सत्यापित करें।
यह फ्रॉड जून 2025 से चल रहा था, लेकिन फरवरी 2026 में चरम पर पहुंचा। SEBI की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, पर निवेशकों को सतर्क रहना होगा। सुरक्षित निवेश ही सच्चा मुनाफा है।









