
1 मार्च की डेडलाइन केवल टैक्स भरने के लिए नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों के लिए अपनी बचत पर सबसे अधिक मुनाफा कमाने का भी आखिरी मौका है। केंद्र सरकार की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) वर्तमान में निवेश के सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्पों में से एक है। मार्च क्लोजिंग से पहले निवेश करने पर आप न केवल बेहतर ब्याज दर का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि चालू वित्त वर्ष के लिए टैक्स छूट का दावा भी कर सकते हैं।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) क्या है?
यह एक सरकारी बचत योजना है जिसे विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए बनाया गया है। इसमें पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है क्योंकि इसे भारत सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
मार्च क्लोजिंग से पहले निवेश के बड़े फायदे
- बढ़ी हुई ब्याज दरों का लाभ: वर्तमान में इस योजना पर ब्याज दरें काफी आकर्षक बनी हुई हैं (फिलहाल 8.2%)। मार्च के बाद नई तिमाही की समीक्षा में ब्याज दरें घट-बढ़ सकती हैं, इसलिए मौजूदा दरों को लॉक करने का यह सही समय है।
- धारा 80C के तहत टैक्स बचत: यदि आप 31 मार्च 2026 से पहले निवेश करते हैं, तो आप आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
- अधिकतम निवेश सीमा: बजट में सरकार ने इस योजना की निवेश सीमा को ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख कर दिया है। यानी अब बुजुर्ग अपनी बड़ी पूंजी पर ज्यादा ब्याज कमा सकते हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| पात्रता | 60 वर्ष से अधिक आयु (VRS लेने वालों के लिए 55 वर्ष) |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.2% सालाना (त्रैमासिक भुगतान) |
| निवेश की अवधि | 5 साल (3 साल के लिए बढ़ाई जा सकती है) |
| न्यूनतम निवेश | ₹1,000 |
| अधिकतम निवेश | ₹30,00,000 (30 लाख रुपये) |
हर महीने या तिमाही कितनी होगी कमाई?
अगर एक वरिष्ठ नागरिक ₹30 लाख का अधिकतम निवेश करते हैं, तो 8.2% की दर से उन्हें साल भर में लगभग ₹2,46,000 का ब्याज मिलेगा। इसे तिमाही आधार पर देखें तो हर तीन महीने में उनके खाते में करीब ₹61,500 की नियमित आय आएगी।
आवेदन कैसे करें?
आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस (Post Office) या किसी भी सरकारी/निजी बैंक में जाकर SCSS खाता खोल सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र (वोटर आईडी या पासपोर्ट)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक अकाउंट की डिटेल









