
चीन में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. उन्होंने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास में साझेदार हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है. पिछले साल से दोनों नेताओं के बीच सेनाओं को हटाने के फैसले पर खुशी जताई और सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मिलकर काम करने की बात कही.
दोनों नेताओं के बीच बेहतर संबंध पर दिया जोर
इस सम्मेलन में दोनों नेताओं ने लोगों के बीच आपसी संबंध बेहतर करने पर जोर दिया. इसके लिए उन्होंने वीज़ा नियमों को आसान बनाने, सीधी उड़ानें शुरू करने और कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की बात कही. साथ ही दोनों देशों ने व्यापार में हो रहे घाटे को कम करने और आपसी निवेश बढ़ाने पर भी सहमति जताई है.
तियानजिन, चीन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "… आज दुनिया सदी में एक बार होने वाले बदलावों से गुज़र रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्थिति अस्थिर और अराजक दोनों है… इस वर्ष चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है।… https://t.co/iOizuZMaZf pic.twitter.com/sKGBkUNdI0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 31, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा
मोदी ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही अपने फैसले खुद लेते हैं और उनके रिश्ते को किसी दूसरे देश के नजरिए से नहीं देखना चाहिए. दोनों नेताओं ने आतंकवाद और सही व्यापार जैसे वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की बात भी की.
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ अध्यक्षता का किया समर्थन
चीन में हो रहे सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ अध्यक्षता का समर्थन किया और उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया. शी ने यह आमंत्रण स्वीकार कर लिया और भारत की अध्यक्षता का पूरा समर्थन करने का वादा किया.
