
जनवरी का महीना त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों से भरा होता है। इसी क्रम में आगामी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को देश के कई राज्यों में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की गई है। यह छुट्टी महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) के अवसर पर दी जा रही है।
अगर आप एक छात्र या अभिभावक हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस सप्ताह के अंत में एक लंबी छुट्टी (Long Weekend) का योग बन रहा है।
क्यों मनाई जा रही है 23 जनवरी को छुट्टी?
23 जनवरी भारत के इतिहास में एक गौरवशाली दिन है। इस दिन देश के महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। भारत सरकार इस दिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाती है। नेताजी के बलिदान और देश की आजादी में उनके योगदान को याद करने के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा और त्रिपुरा जैसे राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित रहता है।
किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल?
हालांकि आधिकारिक अवकाश की घोषणा राज्य सरकारों द्वारा की जाती है, लेकिन सामान्यतः निम्नलिखित क्षेत्रों में स्कूल बंद रहने की उम्मीद है:
- पश्चिम बंगाल: नेताजी की जन्मस्थली और कर्मभूमि होने के कारण यहाँ सबसे बड़ी छुट्टी होती है। राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
- ओडिशा: कटक में नेताजी का जन्म हुआ था, इसलिए ओडिशा सरकार इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश रखती है।
- त्रिपुरा और असम: इन राज्यों के कई हिस्सों में भी क्षेत्रीय अवकाश के कारण स्कूल बंद रह सकते हैं।
- अन्य राज्य: उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में स्कूल खुले रह सकते हैं, लेकिन वहाँ नेताजी की याद में विशेष कार्यक्रम और सभाएं आयोजित की जाएंगी।
लगातार 4 दिनों की लंबी छुट्टी का मौका
इस साल 23 जनवरी शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे छात्रों को एक शानदार ‘लॉन्ग वीकेंड’ मिल रहा है:
- 23 जनवरी (शुक्रवार): नेताजी जयंती / पराक्रम दिवस (चुनिंदा राज्यों में)।
- 24 जनवरी (शनिवार): चौथा शनिवार (कई स्कूलों में अवकाश)।
- 25 जनवरी (रविवार): साप्ताहिक अवकाश।
- 26 जनवरी (सोमवार): गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश)।
इसका अर्थ है कि यदि आपके स्कूल में शनिवार की छुट्टी रहती है, तो आपको लगातार 4 दिनों का अवकाश मिलेगा।
अभिभावकों के लिए सलाह
चूंकि छुट्टियों का निर्णय स्थानीय प्रशासन और स्कूल बोर्ड (CBSE/ICSE/State Board) पर भी निर्भर करता है, इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चे के स्कूल से मिले आधिकारिक मैसेज या सर्कुलर की पुष्टि जरूर कर लें।









