
यह उत्तराखंड के मौसम का वो तड़का है जो कभी-कभी सबको चौंका देता है। ठंडी हवाओं के साथ आ रही तेज बारिश और बर्फबारी ने इन दिनों पूरे पहाड़ी इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। बच्चे तो खुश हैं, स्कूल बंद का बहाना मिल गया, लेकिन असल में प्रशासन की ये सतर्कता जान बचाने की मुहिम है। आज 24 जनवरी को 12 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। आइए, इसकी पूरी कहानी समझते हैं, बिना किसी पुरानी खबर चुराए, बस मौजूदा हालात को आपके सामने रखते हुए।
मौसम का उग्र रूप, अलर्ट पर सारा प्रशासन
दोस्तों, पहाड़ों का मौसम तो ऐसा ही होता है – एक पल धूप, दूसरे पल बादल। देहरादून के मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज के साथ बिजली चमकना, और ऊपर से बर्फबारी का दौर। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन भी हाई अलर्ट पर हैं। ये सब इसलिए क्योंकि शीत ऋतु में पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं, नदियां उफान पर आ सकती हैं। प्रशासन ने सोचा, क्यों जोखिम लें? बस, एक झटके में फैसला ले लिया – स्कूल बंद। बच्चे सुरक्षित रहें, यही मकसद है।
कौन-कौन से जिले प्रभावित
उत्तराखंड के 12 जिलों में ये छुट्टी का दिन है। देहरादून से लेकर ऊधम सिंह नगर तक, हर तरफ कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी, प्राइवेट स्कूल और आंगनबाड़ी बंद। लिस्ट देखिए: देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर।
टिहरी में डीएम नितिका खंडेलवाल ने खुद आदेश जारी किया। पौड़ी में स्वाति एस. भदौरिया ने छात्रों की सुरक्षा का हवाला देकर फैसला लिया। सिर्फ एक दिन की बात है, लेकिन ये छोटा-सा कदम बड़ा फर्क डाल सकता है। कल से हालात सुधरेंगे तो स्कूल खुल जाएंगे।
टिहरी में बारिश-बर्फबारी का कहर
टिहरी की बात करें तो यहां तो हालात और गंभीर हैं। नई टिहरी में सुबह से ही आसमान ने तेवर दिखाए। बारिश की बूंदें और पहाड़ों पर बर्फ का सफेद चादर। जिला प्रशासन ने साफ कह दिया – सभी स्कूल, चाहे सरकारी हों या प्राइवेट, बंद। आंगनबाड़ी केंद्र भी। डीएम ने मौसम पूर्वानुमान देखा, जोखिम आंका और आदेश जारी। प्रिंसिपल्स को सख्त निर्देश – कोई लापरवाही नहीं। अगर कोई स्कूल खोला तो आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत कार्रवाई। ये सिर्फ कागजी बात नहीं, असल में बच्चों की जान की पड़ी है।
पौड़ी गढ़वाल में ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड
पौड़ी में तो ठंड ने कमर तोड़ दी है। बारिश और बर्फबारी ने रास्ते बंद कर दिए। डीएम स्वाति भदौरिया ने तुरंत एक्शन लिया। कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूल, आंगनबाड़ी – सब 24 जनवरी को बंद। शीत ऋतु में बच्चों को बाहर निकालना खतरनाक होता है। फिसलन, ठंड से बीमारी – ये सब जोखिम। प्रशासन ने सोचा, बेहतर है एक दिन की छुट्टी। माता-पिता भी राहत की सांस लेंगे।
आम आदमी के लिए सलाह
अब आपकी बारी। प्रशासन ने अपील की है – अनावश्यक यात्रा न करें। पहाड़ी रास्तों पर फिसलन है, बिजली गिरने का खतरा। घर पर रहें, गर्म कपड़े पहनें, खाने में गरमागरम चीजें लें। अगर बाहर जाना ही पड़े तो हेलमेट, रेनकोट जरूर। एनडीआरएफ टीमें तैनात हैं, लेकिन खुद सतर्क रहें। मौसम सुधरने का इंतजार करें। बच्चे घर पर पढ़ाई करेंगे, खेलेंगे – बस सुरक्षित रहें।
कल का पूर्वानुमान और तैयारी
कल रविवार है, स्कूल तो बंद ही रहेंगे। लेकिन सोमवार से हालात नॉर्मल हो सकते हैं। मौसम केंद्र लगातार अपडेट दे रहा है। जिलाधिकारियों ने कहा – स्थिति पर नजर। अगर जरूरी हुआ तो और छुट्टियां। लेकिन उम्मीद है, धूप लौट आएगी। उत्तराखंड का ये मौसम हमें सिखाता है – प्रकृति से पंगा मत लो, उसके साथ चलो। बच्चे खुश, माता-पिता निश्चिंत – यही जीत है।









