
दो हफ्ते पहले तक रॉकेट की रफ्तार से आसमान छू रही सोने की कीमतों ने अचानक यूटर्न ले लिया है। 29 जनवरी को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.92 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था, जो अब 17 फरवरी को दिल्ली में ₹1,56,580 तक लुढ़क चुका है- यानी ऑल-टाइम हाई से करीब ₹35,000 की गिरावट। वैश्विक बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स $4,901.9 प्रति औंस पर 2.86% फिसले हैं, जबकि COMEX पर हाजिर सोना $4,992 के नीचे आ गया। खरीदारों में उत्साह है, लेकिन सवाल वही- क्या सोना ₹1 लाख से नीचे धड़ाम होगा?
ट्रंप-पुतिन की ‘दोस्ती’ ने तोड़ा गोल्ड का खेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस के साथ शांति पहल और पुतिन से बातचीत की अफवाहों ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम कर दिया। सेफ-हेवन एसेट सोना बिकने लगा। जनवरी में ट्रंप के एक ऐलान से ही सोना ₹10,000 और चांदी ₹80,000 टूट चुकी थी। अब नई रिपोर्ट्स कह रही हैं- रूस SWIFT सिस्टम में वापसी कर डॉलर-बेस्ड ट्रेड पर लौट रहा है, जो 2022 में छोड़ चुका था। यह BRICS के डी-डॉलराइजेशन प्लान को करारा झटका देगा।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक रूस अगर डॉलर की ओर मुड़ेगा, तो केंद्रीय बैंक सोना खरीदना बंद कर देंगे। BRICS बैंक पहले ही 50% से ज्यादा ग्लोबल गोल्ड डिमांड चला रहे थे। डॉलर मजबूत होने से निवेशक गोल्ड से पैसे निकालकर बॉन्ड्स में शिफ्ट करेंगे, सप्लाई बढ़ेगी और प्राइस क्रैश हो सकता है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट भी गिरावट के संकेत दे रही है।
वर्तमान भाव और शहरवार ट्रेंड
भारत में आज का औसत भाव (24 कैरेट, 10 ग्राम):
| शहर | 24K भाव | 22K भाव | बदलाव (दैनिक) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,56,580 | ₹1,43,540 | -₹2,620 |
| मुंबई | ₹1,56,430 | ₹1,43,390 | -0.43% |
| कोलकाता | ₹1,56,430 | ₹1,43,390 | समान |
| चेन्नई | ₹1,57,520 | ₹1,43,390 | मामूली तेजी |
| पटना | ₹1,56,480 | ₹1,43,540 | – |
पिछले 15 दिनों में 1.65% गिरावट, जनवरी पीक से 13% नीचे। MCX पर सोना ₹1,54,601 (-0.83%) और चांदी ₹2,39,346 (-2.05%) पर।
क्या ₹1 लाख का लेवल टूटेगा?
कयास सही उतरे तो हां- रूस की डॉलर वापसी से सेंट्रल बैंक सेलिंग बढ़ेगी, सप्लाई ग्लूट बनेगा। शॉर्ट-टर्म टारगेट $4,879 सपोर्ट, टूटा तो $4,800 (₹1,50,000/10g)। लॉन्ग-टर्म बुलिश (50-दिन MA $4,721 ऊपर), लेकिन प्रॉफिट बुकिंग जारी। भारत-अमेरिका LNG डील और US से गोल्ड इंपोर्ट बढ़ने से लोकल सप्लाई सुधरेगी।
एक्सपर्ट्स का मानना: अभी खरीदें, लेकिन SGB/ETF चुनें। ट्रेडर्स ₹1,55,000 पर एंटर करें। त्योहारों से डिमांड रिकवर कर सकती है, पर ग्लोबल रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट हावी।
निवेशकों के लिए टिप्स
- खरीदार: इंतजार न करें, करेक्शन में 10-20g बुलियन लें।
- ट्रेडर्स: सेलिंग प्रेशर में शॉर्ट, $4,800 ब्रेकअपट।
- लॉन्ग-टर्म: 2026 अंत तक $5,500 पोटेंशियल।
यह गिरावट धोखा हो सकती है- इतिहास गवाह है, 2025 की तेजी के बाद करेक्शन सामान्य। लेकिन रूस का यूटर्न गेम-चेंजर!









