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पापमोचनी एकादशी 2026: 14 या 15 मार्च, आखिर कब है सही तारीख? जानें पूजा विधि और वो दुर्लभ संयोग जो बदल देगा आपकी किस्मत

पापमोचनी एकादशी 2026: 15 मार्च (रविवार) को दुर्लभ शुक्रादित्य योग, परिघ-शिव योग और श्रवण नक्षत्र का संयोग बनेगा। एकादशी तिथि 14 मार्च सुबह 8:10 से 15 मार्च 9:16 तक। अमृत काल शाम 7:03-8:43 बजे। पारण 16 मार्च सुबह 6:30-8:54। विष्णु पूजा, कथा और गोमती चक्र उपाय से बदलेगी किस्मत।

By Pinki Negi

पापमोचनी एकादशी 2026: 14 या 15 मार्च, आखिर कब है सही तारीख? जानें पूजा विधि और वो दुर्लभ संयोग जो बदल देगा आपकी किस्मत

हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में पापमोचनी एकादशी का पावन व्रत 15 मार्च (रविवार) को रखा जाएगा। हालांकि एकादशी तिथि 14 मार्च सुबह 08:10 बजे प्रारंभ होकर 15 मार्च सुबह 09:16 बजे समाप्त होगी, लेकिन उदयातिथि नियम के कारण सूर्योदय के समय 15 मार्च को ही व्रत शास्त्रसम्मत माना जाता है। न्यू दिल्ली के अनुसार अमृत काल शाम 07:03 से 08:43 बजे तक रहेगा, जबकि पारण का समय 16 मार्च सुबह 06:30 से 08:54 बजे के बीच है। यह व्रत पापों के नाश और मोक्ष प्राप्ति के लिए विख्यात है।

दुर्लभ संयोग जो बदल देंगे भाग्य

इस बार पापमोचनी एकादशी पर कई शुभ योगों का अनोखा संगम हो रहा है, जो भक्तों की किस्मत रातोंरात चमका सकता है। 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे, जहां पहले से शुक्र विराजमान हैं, जिससे ‘शुक्रादित्य योग’ बनेगा। यह योग सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और वैवाहिक जीवन में सौहार्द लाने वाला माना जाता है। इसके अलावा परिघ योग, शिव योग और श्रवण नक्षत्र का विशेष संयोग भी रहेगा, जो पूजा के फल को कई गुना बढ़ाएगा।

एक और दुर्लभ संयोग यह है कि इसी दिन से खरमास प्रारंभ हो रहा है, जिसके स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं। एकादशी और खरमास का यह मेल श्रीहरि की विशेष कृपा प्रदान करने वाला है। ज्योतिषियों का मानना है कि इन योगों से आर्थिक बाधाएं दूर होंगी, व्यापार में उन्नति होगी और संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। पौराणिक कथाओं में भी इस व्रत से राजा धुंधकार को पापमुक्ति मिली थी, जो आज भी प्रासंगिक है।

सरल पूजा विधि और विशेष उपाय

व्रत का संकल्प ब्रह्म मुहूर्त में स्नानोपरांत लें। भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित कर पीले फूल, तुलसी दल, चंदन, रोली, धूप-दीप अर्पित करें। पंचामृत या केसर युक्त दूध का भोग लगाएं। पापमोचनी एकादशी की कथा अवश्य सुनें, क्योंकि बिना कथा व्रत फलहीन माना जाता है। पूजा के अंत में आरती करें। द्वादशी पर ब्राह्मणों को भोजन-वस्त्र दान देकर पारण करें।

किस्मत चमकाने के उपाय: आर्थिक लाभ के लिए 11 गोमती चक्र पीले कपड़े में लपेट तिजोरी में रखें। बाधाएं दूर करने हेतु विष्णु को पंचामृत भोग लगाएं। राशि अनुसार दान जैसे सिंह राशि वालों को गुड़, मेष को चने दान करें। यह एकादशी भक्तों के लिए स्वर्णिम अवसर है। क्या आप अपनी राशि के अनुसार विशेष मंत्र जानना चाहेंगे? ज्योतिष विशेषज्ञों से सलाह लें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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