
हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र ‘महाशिवरात्रि’ इस बार सिर्फ भक्ति ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय वरदान के रूप में भी आ रही है। 15 फरवरी 2026 को मनाई जाने वाली यह शिवरात्रि पिछले करीब दो दशकों (19 साल) के इतिहास में सबसे खास मानी जा रही है। ग्रहों की चाल कुछ ऐसा ताना-बाना बुन रही है जिससे आसमान में ‘लक्ष्मी नारायण योग’ के साथ-साथ कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
कुंभ राशि में ग्रहों की बड़ी हलचल
प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि पर ग्रहों का राजा सूर्य और रहस्यमयी ग्रह राहु कुंभ राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही बुद्धि के देवता बुध और सुख-सुविधाओं के स्वामी शुक्र की युति से ‘लक्ष्मी नारायण योग’ का निर्माण हो रहा है। 19 साल के लंबे अंतराल के बाद ग्रहों की ऐसी स्थिति बन रही है, जो आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ भौतिक सुखों के द्वार भी खोलेगी।
इन 5 राशियों के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ की शुरुआत
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शिवरात्रि का यह दुर्लभ संयोग 5 राशियों के लिए भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है:
- मेष (Aries): आय के स्रोत बढ़ेंगे। अगर कोई पुराना निवेश अटका हुआ है, तो वहां से धन लाभ की प्रबल संभावना है।
- वृषभ (Taurus): करियर में बड़ा उछाल आएगा। जो लोग सरकारी नौकरी या प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
- मिथुन (Gemini): लंबे समय से चल रही मानसिक चिंताएं खत्म होंगी। भाग्य का 100% साथ मिलेगा और घर में धार्मिक कार्य संपन्न होंगे।
- सिंह (Leo): वैवाहिक जीवन और व्यापारिक रिश्तों के लिए यह समय अमृत समान है। साझेदारी (Partnership) में किए गए काम मुनाफा देंगे।
- तुला (Libra): छात्रों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह योग किसी वरदान से कम नहीं है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है।
साधना और दान का विशेष महत्व
पंडित जी का कहना है कि जहां सूर्य-राहु की युति मानसिक उथल-पुथल दे सकती है, वहीं शिव पूजा और ‘राहु शांति’ के उपायों से इसके नकारात्मक प्रभाव को खत्म किया जा सकता है। इस दिन दूध और गंगाजल से महादेव का अभिषेक करना और ज़रूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना सबसे उत्तम रहेगा।









