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Maha Shivratri 2026: आज है या कल? संशय करें दूर और नोट कर लें महादेव की पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त!

महाशिवरात्रि 2026 कल, 15 फरवरी (रविवार) को! चतुर्दशी शाम 5:04 बजे शुरू, निशिता काल रात 12:09-1:01 AM शुभ। चार प्रहर पूजा: पहला 6:11-9:23 PM, आखिरी सुबह 3:47-6:59 AM। व्रत पारण 16 Feb सुबह 7:06 AM से। रुद्राभिषेक से मनोकामनाएं पूरी, जय भोलेनाथ!

By Pinki Negi

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महाशिवरात्रि के आगमन के साथ ही भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है, लेकिन तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जोरों पर है। क्या आज है या कल? चिंता न करें! द्रिक पंचांग और प्रमुख धार्मिक स्रोतों के अनुसार, महाशिवरात्रि 2026 का मुख्य पर्व कल, 15 फरवरी (रविवार) को मनाया जाएगा। हालांकि चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी शाम 05:34 बजे तक चलेगी, लेकिन शिवरात्रि रात्रि प्रधान पर्व है। इसलिए 15 फरवरी की रात पूजन का सर्वोत्तम समय माना जाता है। लाखों भक्त शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक की तैयारी में जुटे हैं।

यह पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाया जाता है, जो भगवान शिव के तांडव नृत्य, शिव-पार्वती विवाह और शिवलिंग प्राकट्य का प्रतीक है। पुराणों में वर्णित है कि इस रात्रि जाप, ध्यान और पूजन से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के पंचांग इसी तिथि पर सहमत हैं। दक्षिण भारत में कुछ भिन्नताएं देखने को मिल सकती हैं, लेकिन अधिकांश स्थान 15 फरवरी को ही व्रत रखेंगे।

शुभ मुहूर्त: निशिता काल सबसे उत्तम

महाशिवरात्रि की विशेषता है चार प्रहर पूजा, जो रात्रि भर चलती है। निशिता काल पूजन का राजा है:

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी, शाम 05:04 बजे।
  • चतुर्दशी समाप्ति: 16 फरवरी, शाम 05:34 बजे।
  • निशिता काल: 15 फरवरी देर रात (16 फरवरी 12:09 AM से 01:01 AM तक)- इस दौरान रुद्राभिषेक फलदायी।

ये समय दिल्ली पंचांग पर आधारित हैं। अन्य शहरों में मामूली अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंडित से सलाह लें।

चार प्रहर पूजा समय

भक्त चारों प्रहर में शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग चढ़ाते हैं। समय इस प्रकार:

प्रहरसमयावधितारीख
प्रथम प्रहरशाम 06:11 PM से 09:23 PM15 फरवरी
द्वितीय प्रहररात 09:23 PM से 12:35 AM15-16 फरवरी
तृतीय प्रहरमध्यरात्रि 12:35 AM से 03:47 AM16 फरवरी
चतुर्थ प्रहरसुबह 03:47 AM से 06:59 AM16 फरवरी

हर प्रहर में ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप अनिवार्य। रात्रि जागरण से शिव कृपा प्राप्ति होती है।

व्रत पारण और विधि

व्रत पारण: 16 फरवरी सुबह 07:06 AM से दोपहर 03:46 PM के बीच। निर्जला व्रत रखने वाले सुबह ही पारण करें।

पूजन विधि सरल लेकिन सच्ची श्रद्धा वाली:

  1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शिवलिंग स्थापना कर रुद्राभिषेक करें।
  3. बेलपत्र त्रिकोणाकार चढ़ाएं (न उल्टा)।
  4. आरती और भजन गाएं। प्रसाद में फल, दूध पेय।

व्रती तामसिक भोजन से दूर रहें। महिलाएं संतान प्राप्ति, पुरुष सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

महत्व और परंपराएं

महाशिवरात्रि प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है- शिव का काल भैरव रूप रात्रि के अंधकार को नष्ट करता है। काशी विश्वनाथ, बैद्यनाथ धाम सहित प्रमुख मंदिरों में लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे। योगी ध्यान और तपस्या का दिन मानते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से, जागरण नींद चक्र सुधारता है। इस बार रविवार को पड़ने से छुट्टी का लाभ। ट्रैफिक और भीड़ से बचें, ऑनलाइन पूजन ऐप्स का सहारा लें। महादेव की कृपा से सभी संशय दूर! जय भोलेनाथ!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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