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कब है गणेश जयंती 22 या 23 जनवरी? शुभ मुहूर्त और पूजा विधि को लेकर दूर करें हर कन्फ्यूजन, इस समय पूजा करने से मिलेगा फल

गणेश जयंती 2026 की सही तारीख को लेकर उलझन में हैं? 22 या 23 जनवरी—जानें पंचांग के अनुसार पूजा का वह 2 घंटे 10 मिनट का 'महामुहूर्त' जो आपकी हर बाधा दूर कर सकता है। बप्पा को प्रसन्न करने की सटीक विधि जानने के लिए इसे अभी पढ़ें।

By Pinki Negi

कब है गणेश जयंती 22 या 23 जनवरी? शुभ मुहूर्त और पूजा विधि को लेकर दूर करें हर कन्फ्यूजन, इस समय पूजा करने से मिलेगा फल।
गणेश जयंती

विघ्नहर्ता भगवान गणेश का जन्मोत्सव यानी गणेश जयंती, भक्तों के लिए नई उम्मीद और खुशहाली का त्योहार है। जब भी हमारे काम रुकते हैं या जीवन में परेशानी आती है, तो हम सबसे पहले बप्पा को ही याद करते हैं। साल 2026 में गणेश जयंती की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी उलझन है कि इसे 22 जनवरी को मनाया जाए या 23 जनवरी को।

इस विशेष दिन का महत्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अटके हुए कामों को पूरा करने और जीवन में सकारात्मकता लाने का एक शुभ अवसर है। आपकी इसी उलझन को दूर करने के लिए हमने ज्योतिषीय गणना के आधार पर सही तिथि की जानकारी यहाँ दी है।

गणेश जयंती 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • सही तारीख: इस साल गणेश जयंती 22 जनवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
  • चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: 22 जनवरी 2026 को रात (तड़के) 02:47 AM बजे से।
  • चतुर्थी तिथि का समापन: 23 जनवरी 2026 को रात 02:28 AM बजे तक।
  • क्यों मनाएं 22 जनवरी को: शास्त्रानुसार गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था और 22 जनवरी को उदया तिथि के साथ दोपहर का समय भी मिल रहा है, इसलिए इसी दिन व्रत और पूजा करना शास्त्रसम्मत है।

पूजा का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त

  • सर्वश्रेष्ठ समय: शास्त्रों के अनुसार गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए मध्याह्न काल (दोपहर) में पूजा करना सबसे फलदायी होता है।
  • पूजा का मुहूर्त: सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक।
  • कुल समय: पूजा के लिए आपको 2 घंटे 10 मिनट का शुभ समय मिलेगा।
  • महत्व: इस निश्चित समय में की गई पूजा से विघ्नहर्ता शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी संकटों को दूर करते हैं।

गणेश जयंती 2026 पूजा विधि

  • तैयारी: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शुभ लाल रंग के साफ कपड़े पहनें।
  • स्थापना: एक साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • अभिषेक: यदि मूर्ति धातु की है, तो उसे गंगाजल या पंचामृत से पवित्र करें।
  • श्रृंगार और अर्पण: बप्पा को सिंदूर का तिलक लगाएं और उनकी प्रिय दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें।
  • भोग: गणेश जी को मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और साथ में फल-फूल चढ़ाएं।
  • मंत्र और आरती: “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें और अंत में शुद्ध घी के दीपक से आरती करें।

गणेश जयंती का महत्व

  • संकटों का नाश: माघ विनायक चतुर्थी के दिन व्रत और पूजन करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं और मुश्किलें दूर हो जाती हैं।
  • करियर और बुद्धि: भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं, इसलिए छात्रों और करियर में सफलता की राह देख रहे लोगों के लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है।
  • पारिवारिक शांति: इस दिन बप्पा की आराधना करने से घर के कलह-क्लेश खत्म होते हैं और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
  • अचूक फल: मान्यता है कि गणेश जयंती पर सच्चे मन से की गई कोई भी प्रार्थना खाली नहीं जाती और बप्पा अपनी कृपा जरूर बरसाते हैं।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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