
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने एक बार फिर अपना वर्चस्व कायम कर दिया है. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) की ताज़ा मासिक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में मुकेश अंबानी की जियो ने 1.6 मिलियन (लगभग 16 लाख) नए मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़कर बाजार में अपना सिद्धांत फिर से साबित कर दिया. इसी अवधि में एयरटेल ने 1.2 मिलियन (12 लाख) और राजकीय कंपनी BSNL ने केवल 0.4 मिलियन (4 लाख) नए यूजर पाए.
दूसरी ओर, देश की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) के लिए यह महीना निराशाजनक रहा. Vi ने जनवरी में करीब 0.7 मिलियन (7 लाख) सब्सक्राइबर गंवा दिए, जिससे उसकी कड़ी मजबूती पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं. जेएम फाइनेंशियल की लेटेस्ट एनालिसिस रिपोर्ट के मुताबिक, जियो की यह सफलता सिर्फ मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी उसने तूफानी ग्रोथ दर्ज की है.
JioAirFiber के 7.8 लाख नए होम ब्रॉडबैंड यूजर
जियो ने जनवरी 2026 में अपने फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट JioAirFiber को तेजी से आगे बढ़ाया, जिसके तहत उसने 0.78 मिलियन (7.8 लाख) नए होम ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर जोड़े. इसमें फिक्स्ड-वायरलेस एक्सेस (FWA) सेगमेंट के 0.25 मिलियन (2.5 लाख) यूजर भी शामिल हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि UBR (Ultra Broadband) सर्विस के आंकड़े इसमें शामिल नहीं हैं, क्योंकि जियो देश का एकमात्र ऑपरेटर है जो UBR提供 करता है.
सब्सक्राइबर बेस में विशाल अंतर
वायरलेस सेगमेंट में जियो के पास अब कुल 503.57 मिलियन (50.35 करोड़) मोबाइल यूजर हैं, जो कि देश का सबसे बड़ा सब्सक्राइबर बेस है. उसके बाद एयरटेल दूसरे स्थान पर है, जिसके पास 384.91 मिलियन (38.49 करोड़) यूजर हैं. जबकि Vi की स्थिति चिंताजनक है, उसके पास केवल 128.97 मिलियन (12.89 करोड़) यूजर बचे हैं और यह संख्या लगातार घट रही है.
Vi के लिए चुनौतियां बढ़ीं
वोडाफोन आइडिया ने 5G नेटवर्क लॉन्च करने के बाद भी नए सब्सक्राइबर जोड़ने में नाकामयाब रही है. बिजनेस में बड़ा बदलाव लाने के लिए उसे नए यूजर चाहिए, लेकिन गिरावट का सिलसिला जारी है. विश्लेषकों का मानना है कि Vi को नेटवर्क कवरेज में सुधार और आकर्षक प्लान्स के जरिए ही वापसी का रास्ता मिल सकता है.
जियो और एयरटेल का दो-h quicker
जबकि जियो और एयरटेल हर महीने नए यूजर जोड़ते हुए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, BSNल कभी-कभी ही नए सब्सक्राइबर हासिल कर पा रहा है. जियो का फायदा यह है कि वह मोबाइल ब्रॉडबैंड और वायर्ड ब्रॉडबैंड दोनों में बाजार का नेतृत्व कर रहा है, जो कि भारत में तेजी से बढ़ रहे वायर्ड ब्रॉडबैंड स्पेस का सबसे बड़ा हिस्सा है.
भविष्य के लिए उम्मीद है कि Vi जल्द ही अपने नेटवर्क सुधार के जरिए नए यूजर जोड़ सकेगी, लेकिन जियो का यह “डुअल-डोमिनेंस” (मोबाइल + होम ब्रॉडबैंड) एयरटेल और Vi दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है









