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इन पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा ₹1000 से ज्यादा का पेट्रोल, जानें क्या है वजह

मिडिल ईस्ट संकट ने भारत में ईंधन आपूर्ति हिला दी। रिलायंस जियो-बीपी पंपों पर प्रति ग्राहक ₹1000 तक ही पेट्रोल-डीजल बिक्री सीमित। हॉर्मुज जलडमरूमध्य बाधित, पैनिक बाइंग से स्टॉक खतरा। सरकारी पंप सामान्य, लेकिन दाम स्थिर। सरकार ने जमाखोरी रोकी, लोगों से धैर्य की अपील।

By Pinki Negi

reliance caps fuel like petrol and diesel sales at 1000 rs per pump

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है, और इसका असर भारत जैसे तेल आयातक देश पर साफ दिख रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके जियो-बीपी नेटवर्क के पेट्रोल पंपों पर प्रति ग्राहक ₹1000 तक ही ईंधन बिक्री की अनौपचारिक सीमा लगा दी गई है। कंपनी ने इसे आधिकारिक केंद्रीय नीति बताने से इनकार किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्टॉक प्रबंधन के लिए यह कदम उठाया गया लगता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधित होने से उपजी सप्लाई चेन की किल्लत का नतीजा है।

मिडिल ईस्ट तनाव: संकट की जड़

इस संकट की जड़ मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव में छिपी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व के 20 प्रतिशत कच्चे तेल का रास्ता है, वहां तनाव चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति चेन चरमरा गई। भारत, जो अपनी 90 प्रतिशत से अधिक तेल जरूरतें आयात से पूरी करता है, इस झटके से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम पिछले हफ्ते 15 प्रतिशत उछल चुके हैं, जबकि डबल्यूटीआई क्रूड भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। नतीजा? निजी तेल कंपनियों जैसे रिलायंस पर स्टॉक खत्म होने का दबाव बढ़ गया।

पैनिक बाइंग का कहर

पैनिक बाइंग ने आग में घी डालने का काम किया। अफवाहों के चलते लोग बड़े-बड़े ड्रम भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर कतारें लग रही हैं। जियो-बीपी के 2000 से अधिक स्टेशनों पर ऑपरेटरों ने ₹1000 (लगभग 11 लीटर पेट्रोल) की सीमा लगाकर स्टॉक को समान रूप से बांटने की कोशिश की। एक पंप मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “लोग 5000 रुपये का तेल भरवाने पहुंच रहे थे, स्टॉक दो-चार घंटे में ही खत्म हो जाता। यह सीमा जरूरी थी वरना बाकी ग्राहक हाथ मलते रह जाते।” कंपनी का कहना है कि यह स्थानीय निर्णय है, न कि कोई राष्ट्रीय राशनिंग।

सरकारी पंपों पर स्थिति

सरकारी पंपों पर अभी कोई आधिकारिक कैप नहीं है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के स्टेशनों पर ईंधन सामान्य उपलब्ध है, हालांकि मुंबई, दिल्ली और गुजरात जैसे शहरों में छिटपुट शिकायतें आई हैं। PIB की अप्रैल 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं और स्टॉक पर्याप्त होने का दावा किया है।

फिलहाल पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम स्थिर हैं- दिल्ली में पेट्रोल ₹96 और डीजल ₹89 प्रति लीटर-, लेकिन प्रीमियम फ्यूल के दाम 2-3 रुपये बढ़े हैं। तेल मंत्रालय ने आपातकालीन आयात बढ़ाने और रणनीतिक भंडार जारी करने की योजना बनाई है।

अर्थव्यवस्था पर असर

यह संकट अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। लॉजिस्टिक्स, परिवहन और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे महंगाई का डर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज 48 घंटे और बंद रहा, तो भारत में दाम 10-15 रुपये चढ़ सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में खरीदारी न करें और छोटी मात्रा में ही भरवाएं।

रिलायंस ने ग्राहकों से धैर्य रखने को कहा है, जबकि वैकल्पिक आयात स्रोतों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल, यह स्थानीय रणनीति वैश्विक संकट का आईना बन गई है- एक सीमा जो जरूरी तो है, लेकिन आम आदमी की चिंता बढ़ा रही है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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