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RBI का कड़ा एक्शन! देश के 3 बड़े सरकारी बैंकों पर लगा भारी जुर्माना, क्या आपका भी है खाता?

RBI ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और पाइन लैब्स पर कुल करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई ग्राहक सेवा, KYC उल्लंघन, अनधिकृत लेनदेन और अनुचित शुल्क जैसे नियम‑उल्लंघन के मद्देनजर हुई है, जिसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और ग्राहक‑सुरक्षित बनाना है।

By Pinki Negi

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग और वित्तीय नियमों का सही तरीके से पालन न करने के आरोप में चार प्रमुख संस्थानों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और डिजिटल पेमेंट कंपनी पाइन लैब्स शामिल हैं। RBI के अनुसार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर 95.40 लाख रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपये, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये और पाइन लैब्स पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सीधे ग्राहकों के खातों पर नहीं, बल्कि संस्थानों के नियामकीय उल्लंघन के मद्देनजर की गई है।

यूनियन बैंक पर 95.40 लाख का जुर्माना

RBI ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर जुर्माना लगाते हुए बताया कि बैंक ने ग्राहकों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन नहीं किया। न्यूज एजेंसी पीटीआई‑भाषा के अनुसार बैंक कुछ मामलों में अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की शिकायत मिलने के बाद 10 कार्य दिवसों की समय‑सीमा में संबंधित राशि ग्राहकों के खातों में वापस जमा नहीं कर पाया, जो RBI के निर्देशों के खिलाफ है। इसके अलावा बैंक ने ग्राहकों को 24 घंटे ऑनलाइन या कस्टमर केयर के माध्यम से अनधिकृत लेनदेन की शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी ठीक से उपलब्ध कराई, जिससे ग्राहकों की पहुँच और शिकायत निवारण की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

इतना ही नहीं, RBI ने यह भी उजागर किया कि यूनियन बैंक ने कुछ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में सिस्टम‑आधारित परिसंपत्ति वर्गीकरण के बजाय मैन्युअल हस्तक्षेप कर दिया, जिसके चलते जोखिम‑वर्गीकरण और प्रोविजनिंग में गड़बड़ी हो सकती थी। यह फैसला बैंकिंग नियमों के खिलाफ माना गया, जिसके चलते RBI ने बैंक पर 95.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

सेंट्रल बैंक पर KYC उल्लंघन का जुर्माना

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपये का जुर्माना KYC (क्यूरी योर कस्टमर) नियमों का सही ढंग से पालन न करने के कारण लगाया गया है। RBI ने बताया कि बैंक कुछ ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड तय समयसीमा के भीतर केंद्रीय KYC रजिस्ट्री (CKYCR) में अपलोड नहीं कर पाया, जिससे नियामकीय रिकॉर्डिंग और धन शोधन‑रोधी (AML) निगरानी प्रक्रिया प्रभावित हुई।

इसके अलावा बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के लिए अतिरिक्त बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाते खोल दिए, जिनके पास पहले से ही ऐसे खाते मौजूद थे। RBI मानता है कि एक ही व्यक्ति के लिए अनावश्यक ₹0 या न्यूनतम सेविंग अकाउंट की बढ़ती संख्या वित्तीय समावेशन की भावना को भटका सकती है और निगरानी को जटिल बना सकती है।

बैंक ऑफ इंडिया पर अनुचित शुल्क और ब्याज विवाद

बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये का जुर्माना मुख्य रूप से दो वजहों से लगाया गया है। सबसे पहले, RBI ने पाया कि बैंक ने प्राथमिकता‑वाले क्षेत्र (priority sector) के कुछ ऋण खातों में अनुचित तरीके से शुल्क वसूले। इसमें तदर्थ सेवा शुल्क, निरीक्षण शुल्क और प्रसंस्करण शुल्क जैसे चार्ज शामिल हैं, जो RBI के तय गाइडलाइंस के अनुसार जारी नहीं किए जा सकते। इससे छोटे किसान, व्यवसाई और कमजोर वर्ग तबके के ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था।

दूसरे, RBI ने यह भी उजागर किया कि बैंक ने कुछ सावधि जमा रसीदों (TDR) पर परिपक्वता की तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक का ब्याज ग्राहकों को नहीं दिया, जो स्पष्ट रूप से ग्राहकों के हितों के खिलाफ और नियामकीय निर्देशों का उल्लंघन है। इस दोहरे उल्लंघन के चलते RBI ने बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये का मौद्रिक दंड लगाया।

पाइन लैब्स पर KYC‑आधारित जुर्माना

पाइन लैब्स पर RBI ने 3.10 लाख रुपये का कम लेकिन संदेश‑देने वाला जुर्माना लगाया है। पीटीआई‑भाषा के अनुसार कंपनी ने प्रीपेड भुगतान उपकरण (Prepaid Payment Instruments- PPI) जारी करते समय KYC नियमों का पूरक पालन नहीं किया। कई ग्राहकों को बिना पूरा KYC क्रियान्वित किये ही “फुल KYC PPI” जारी किए गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है और धन शोधन या गलत उपयोग की संभावना को बढ़ा सकता है। RBI आशा जताता है कि इस जुर्माने से पेमेंट गेटवे और फिनटेक कंपनियां KYC और अनुपालन प्रक्रिया को और गंभीरता से लेंगी।

ग्राहक हित और सुरक्षित बैंकिंग पर RBI का जोर

RBI ने स्पष्ट किया है कि ये जुर्माने संबंधित संस्थानों द्वारा नियामकीय दिशानिर्देशों का पालन न करने के कारण लगाए गए हैं, न कि ग्राहकों के खातों पर एक्स्ट्रा भार डालने के लिए। केंद्रीय बैंक ने यह भी संकेत दिया कि ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर नियमों के सख्त पालन की निगरानी जारी रहेगी। इस तरह की कार्रवाइयां बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और सुरक्षित बनाने में मदद करती हैं, जिससे जनता का बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा बना रहता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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