
दोस्तों, अगर आपका राशन कार्ड नाम कटने, जुड़ने या राशन न मिलने जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, तो चिंता मत कीजिए। पहले तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, घंटों लाइन में खड़े होकर। लेकिन अब सरकार ने कमाल कर दिया है – व्हाट्सऐप पर ही शिकायत दर्ज करो, और समस्या घर बैठे सॉल्व! ये सुविधा इतनी आसान है कि गांव का भोला-भाला किसान भी बिना किसी हिचकिचाहट के इस्तेमाल कर लेगा। आइए, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि ये जादू कैसे काम करता है।
व्हाट्सऐप नंबर पर ‘Hi’ भेजते ही शुरू हो जाएगा सफर
सबसे पहले अपना फोन निकालिए और व्हाट्सऐप खोल लीजिए। अब नंबर सेव कीजिए: 9868200445। बस, एक सिंपल ‘Hi’ मैसेज भेज दो। देखते ही देखते चैटबॉट जागेगा और आपको भाषा चुनने का ऑप्शन देगा। हिंदी, इंग्लिश, गुजराती, पंजाबी, मराठी या 12 भाषाओं में से कोई भी चुन लो – ये सबकी सुविधा के लिए है। फिर अपना राशन कार्ड नंबर एंटर करो। उसके बाद पूछा जाएगा कि दिक्कत क्या है? नाम गलत है, राशन की क्वांटिटी कम मिल रही है, दुकानदार ज्यादा पैसे वसूल रहा है या कुछ और? सब कुछ चैट की तरह बताते जाओ, शिकायत रजिस्टर हो जाएगी।
मैंने खुद ट्राई किया था एक दोस्त के लिए – नाम जोड़ना था परिवार में। 5 मिनट में हो गया, बिना कहीं जाए! ये सर्विस NFSA पोर्टल से जुड़ी है, जो सीधे आपके लोकल फूड इंस्पेक्टर तक शिकायत पहुंचा देती है। ट्रैकिंग भी मिलती है, ताकि आप जान सको कि आपकी बात पर क्या एक्शन लिया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों वालों के लिए खास तोहफा
सोचिए, गांव में इंटरनेट की दिक्कत हो या स्मार्टफोन न हो, तब क्या? चिंता मत करो, IVRS का ऑप्शन है नंबर 14457 पर। बस कॉल करो, अपनी भाषा चुनो और वॉयस में ही शिकायत बता दो। सिस्टम रिकॉर्ड कर लेगा और संबंधित अफसर को भेज देगा। ये सुविधा उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो व्हाट्सऐप से परे हैं। मैंने सुना है, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में हजारों लोग इससे फायदा उठा चुके हैं। राशन की चोरी रुकी है, दुकानदारों का दबाव कम हुआ है।
क्यों है ये डिजिटल स्टेप गेम-चेंजर?
देखिए, पहले शिकायत करने में हफ्ते लग जाते थे। फॉर्म भरिए, दस्तावेज जमा करिए, फॉलो-अप करिए। अब? एक मैसेज! ये NFSA ऐक्ट 2013 के तहत PDS सिस्टम को मजबूत करने का हिस्सा है। सरकार का मकसद है कि गरीबों को उनका हक समय पर मिले – 5 किलो गेहूं, 35 रुपये किलो। गलत एंट्री ठीक करो, नए सदस्य ऐड करो, या डुप्लिकेट कार्ड बनवाओ – सब आसान।
और हां, अगर आधार से लिंकिंग की प्रॉब्लम है तो ये सर्विस उसी में मदद करेगी। उत्तर प्रदेश में तो ये सर्विस खूब चल रही है, मेरठ जैसे शहरों से भी ढेर सारी शिकायतें सॉल्व हो चुकी हैं। डेटा प्राइवेसी का भी ध्यान रखा गया है – आपकी जानकारी सुरक्षित रहती है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: घर बैठे शिकायत कैसे करें?
- व्हाट्सऐप पर 9868200445 सेव करें।
- ‘Hi’ भेजें, भाषा चुनें।
- राशन कार्ड नंबर डालें।
- समस्या बताएं (नाम जोड़ना, राशन न मिलना आदि)।
- ट्रैकिंग आईडी नोट करें और फॉलो-अप करें।
IVRS के लिए: 14457 पर कॉल, भाषा चुनें, शिकायत बोलें।
सावधानियां जो रखें ध्यान
शिकायत करते समय सही राशन नंबर दें, ताकि जल्दी रिजॉल्व हो। फर्जी शिकायत से बचें, वरना लीगल समस्या हो सकती है। अगर 7-10 दिन में जवाब न आए तो हेल्पलाइन 1967 पर कॉल करें। ये सर्विस पूरे भारत में उपलब्ध है, खासकर UP, Bihar, Rajasthan जैसे PDS-हैवी स्टेट्स में। दोस्तों, ये छोटी सी कोशिश आपके रोजमर्रा के संघर्ष को कम कर देगी। आज ही ट्राई करो, और परिवार को राशन का हक दिलाओ। सरकार की ये डिजिटल पहल सराहनीय है!









