
इबादत और बरकतों का पवित्र महीना रमजान शुरू हो चुका है। सऊदी अरब में 18 फरवरी को पहला रोजा रखा गया है, जिसके आधार पर भारत में 19 फरवरी से रमजान की शुरुआत होने की पूरी संभावना है; हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आज शाम चांद दिखने के बाद ही होगी। यह महीना हमें अपने दिल को साफ रखने और दूसरों के प्रति दया भाव रखने की सीख देता है। इसी नेक भावना का सम्मान करते हुए, एक राज्य सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों के लिए विशेष राहत की घोषणा कर मानवता और नरमदिली की एक शानदार मिसाल पेश की है।
रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को मिलेगी ऑफिस से जल्दी छुट्टी
तेलंगाना सरकार ने रमजान के पवित्र महीने के सम्मान में मुस्लिम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सभी मुस्लिम सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग स्टाफ अब शाम 4 बजे ही अपने कार्यालय या स्कूल से घर जा सकेंगे।
यह समय सामान्य छुट्टी से एक घंटा पहले तय किया गया है, ताकि रोजेदार समय पर घर पहुँचकर इफ्तार की तैयारी कर सकें। सरकार का यह फैसला न केवल सरकारी विभागों, बल्कि बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों पर भी लागू होगा।
19 फरवरी से 20 मार्च तक लागू रहेंगे नए नियम
तेलंगाना सरकार द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को दी गई यह विशेष छूट 19 फरवरी 2026 से 20 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रमजान के दौरान समय पर इबादत, नमाज और इफ्तार में शामिल होने की सुविधा देना है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि सेवा की कोई अनिवार्य आवश्यकता या आपातकालीन स्थिति (Emergency) पैदा होती है, तो कर्मचारियों को सामान्य समय तक रुकना होगा। यह रियायत सभी सरकारी स्कूलों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले स्थायी और अस्थाई, दोनों तरह के मुस्लिम कर्मचारियों के लिए है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सिफारिश पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दोनों ही राज्य सरकारों ने रमजान के पाक महीने में मुस्लिम कर्मचारियों को काम के घंटों में छूट देने का निर्णय लिया है। यह नीति 18-19 फरवरी 2026 को चांद दिखने के साथ ही प्रभावी हो गई है, जिससे हजारों कर्मचारियों, शिक्षकों और संविदा कर्मियों को फायदा होगा।
सरकारों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं और इबादत का सम्मान करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि आपातकालीन सेवाओं में यह छूट लागू नहीं होगी ताकि सरकारी कामकाज की दक्षता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
आंध्र प्रदेश में रमजान के लिए ऑफिस टाइमिंग में बदलाव
आंध्र प्रदेश सरकार ने रमजान के पवित्र महीने (18 फरवरी से 19 मार्च 2026) को देखते हुए मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और आउटसोर्सिंग स्टाफ को ड्यूटी से एक घंटा पहले छुट्टी देने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।
यह रियायत नमाज और इफ्तार की सुविधा के लिए दी गई है, हालांकि आपातकालीन सेवाओं पर यह लागू नहीं होगी। इस फैसले को लेकर राज्य में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है—जहाँ एक ओर इसे धार्मिक सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका विरोध भी शुरू हो गया है। फिलहाल, अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी ऐसी ही मांग उठ रही है, लेकिन वहां अभी तक कोई सरकारी आदेश पारित नहीं हुआ है।









