
ट्रेन में अचानक सफर तय होने पर ‘तत्कल टिकट’ यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता, चाहे मामला मेडिकल इमरजेंसी का हो या किसी जरूरी काम का। लेकिन रेलवे का एक नियम यात्रियों को काफी परेशान कर रहा है—कन्फर्म तत्काल टिकट कैंसिल करने पर एक भी रुपया वापस (No Refund) नहीं मिलता। अगर किसी कारणवश आपकी यात्रा रद्द हो जाती है, तो आपको टिकट के पूरे पैसे का नुकसान उठाना पड़ता है। यही वजह है कि रेलवे की यह रिफंड नीति इन दिनों यात्रियों के बीच चर्चा और बहस का बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
एक ही सीट से दो बार कमाई! रेलवे की तत्काल नीति के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
भारतीय रेलवे की तत्काल रिफंड पॉलिसी को अब बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक जनहित याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि जब कोई यात्री अपना कंफर्म तत्काल टिकट कैंसिल करता है, तो रेलवे उसे रिफंड नहीं देता और वही सीट तुरंत किसी दूसरे वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को बेच देता है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि रेलवे एक ही सीट के लिए दो अलग-अलग यात्रियों से पूरा किराया वसूल रहा है, जो कि अनुचित है। इस नीति को यात्रियों के साथ अन्याय बताते हुए मांग की गई है कि टिकट कैंसिल होने पर रिफंड की सुविधा मिलनी चाहिए।
रेलवे का सख्त नियम
भारतीय रेलवे के मौजूदा नियमों के मुताबिक, अगर आपके पास कन्फर्म तत्काल टिकट है और आप उसे कैंसिल कराते हैं, तो आपको रिफंड के नाम पर एक भी रुपया वापस नहीं मिलता। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी वजह से आप यात्रा नहीं कर पाते, तो टिकट पर खर्च किया गया आपका पूरा पैसा रेलवे के पास ही रह जाता है। यात्रियों के लिए यह नियम किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि वे इमरजेंसी में भारी-भरकम किराया देकर टिकट तो बुक कर लेते हैं, लेकिन प्लान बदलने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
कन्फर्म तत्काल टिकट रद्द करने की सबसे बड़ी गलतफहमी
अक्सर यात्री यह मान बैठते हैं कि तत्काल टिकट भी सामान्य टिकट की तरह है और इसे कैंसिल करने पर कुछ पैसा वापस मिल जाएगा, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। हकीकत यह है कि आप कन्फर्म तत्काल टिकट को कैंसिल तो कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब सिर्फ अपनी सीट छोड़ना होता है, पैसा वापस पाना नहीं। ज्यादातर लोग इसी भ्रम में अपना टिकट रद्द कर देते हैं कि उन्हें कुछ रिफंड मिलेगा, जबकि रेलवे के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में आपकी पूरी रकम डूब जाती है।
तत्काल टिकट पर भी मिल सकता है रिफंड
भले ही कन्फर्म तत्काल टिकट पर रिफंड नहीं मिलता, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं। यदि आपका तत्काल टिकट वेटिंग लिस्ट में ही रह जाता है और चार्ट बनने तक कन्फर्म नहीं होता, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाता है और आपको पूरा रिफंड मिलता है।
इसके अलावा, यदि रेलवे खुद ट्रेन रद्द कर दे या ट्रेन अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट हो और आप सफर न करें, तो आप TDR फाइल कर रिफंड की मांग कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि TDR के मामलों में रिफंड तभी मिलता है जब गलती रेलवे की तरफ से साबित हो।
क्यों सख्त है रेलवे की रिफंड पॉलिसी?
रेलवे की ‘नो रिफंड पॉलिसी’ का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल को रोकना है, ताकि केवल जरूरतमंद यात्री ही इमरजेंसी में सीट बुक करें। नियमों के अनुसार, कन्फर्म तत्काल टिकट के अलावा भी कुछ ऐसी शर्तें हैं जहाँ रिफंड शून्य हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि कन्फर्म टिकट को ट्रेन छूटने के 2 घंटे बाद कैंसिल किया जाए, या वेटिंग/RAC टिकट को 3 घंटे बाद रद्द किया जाए, तो कोई पैसा वापस नहीं मिलता। साथ ही, डुप्लीकेट तत्काल टिकट पर रेलवे किसी भी स्थिति में रिफंड नहीं देता है।









