
छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे ने निर्माण कार्य के कारण मार्च व अप्रैल में कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द और आंशिक रूप से संचालित करने का फैसला किया है, जिससे रायपुर-बिलासपुर और गोंदिया रूट पर यात्रा करने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
हथबंद-भाटापारा सेक्शन में ब्लॉक
दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज (RUB) निर्माण कार्यों की रफ्तार तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 389 पर गर्डर हटाने के लिए 22 और 23 मार्च को ट्रैफिक-कम-पावर ब्लॉक लिया जा रहा है, जिसके चलते दो दिनों तक इस रूट की ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कार्य लंबे समय से लंबित बुनियादी ढांचा सुधार योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित और सुचारू बनाना है।
22 मार्च: रायपुर-बिलासपुर रूट पर मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद्द
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार, 22 मार्च को रायपुर मंडल में कई लोकल और मेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह रद्द रहेगा। जिन ट्रेनों को निरस्त किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर
- बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
- गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- कोरबा-रायपुर पैसेंजर
- रायपुर-इतवारी पैसेंजर
इन ट्रेनों के कैंसिल होने से रोज़ाना यात्रा करने वाले यात्रियों, ऑफिस आने-जाने वालों और छोटे शहरों से रायपुर-बिलासपुर के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को वैकल्पिक साधन खोजना पड़ेगा।
23 मार्च: इतवारी-रायपुर और रायपुर-बिलासपुर मेमू भी बंद
सोमवार, 23 मार्च को भी रेलवे ने कुछ ट्रेनें नहीं चलाने का निर्णय लिया है। इस दिन इतवारी-रायपुर पैसेंजर ट्रेन और रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन रद्द रहेगा। दो दिन तक लगातार इस तरह की निरस्ती से इस रूट पर रेल सेवाओं पर दबाव बढ़ेगा और अन्य उपलब्ध ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की आशंका है।
झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू
22 मार्च को झारसुगुड़ा- गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन केवल बिलासपुर तक ही चलाई जाएगी, जबकि विपरीत दिशा की गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू ट्रेन बिलासपुर से ही शुरू होगी। इसका मतलब है कि उसी दिन बिलासपुर और गोंदिया के बीच इन ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा और इस खंड के यात्रियों को या तो दूसरी ट्रेनों या बसों का सहारा लेना होगा।
रेलवे प्रशासन ने साफ अपील की है कि यात्री घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस एक बार ज़रूर चेक कर लें, ताकि स्टेशन पर पहुंच कर किसी तरह की असुविधा या आखिरी समय पर यात्रा रद्द होने की नौबत न आए।
अप्रैल में गोंदिया में 20 दिन का मेगा ब्लॉक
मार्च के बाद भी राहत मिलने वाली नहीं है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अंतर्गत गोंदिया रेलवे स्टेशन पर व्यापक ट्रैक सुधार कार्यों के चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक 20 दिनों का मेगा ब्लॉक रहेगा। इस अवधि में कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा, जिनमें शालीमार-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (कोरबा-अमृतसर), गोंडवाना एक्सप्रेस (हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़) और विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर चलने वाली कई मेमू और पैसेंजर सेवाओं को भी अस्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट और टर्मिनेशन में बदलाव किया गया है। जानकारी के अनुसार, गोंदिया से चलने वाली कई पैसेंजर ट्रेनें अब हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी और गोंदिया तक का हिस्सा रद्द रहेगा, जबकि बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग तक सीमित कर दिया गया है।
वॉशेबल एप्रन हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक
गोंदिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 (लाइन नंबर 5) पर मौजूद वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में बदला जा रहा है। यह तकनीकी बदलाव ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने, ट्रैक की मजबूती बढ़ाने और मेंटेनेंस को आसान बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, ताकि लंबे समय में यात्रियों को अधिक सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा मिल सके। रेल अधिकारियों ने कहा है कि अल्पकालिक असुविधा के बदले दीर्घकालिक लाभ को देखते हुए यह काम अनिवार्य है, लेकिन उन्होंने यात्रियों से सहयोग और तैयारियों की अपील की है।
स्टेटस ज़रूर चेक करें
रेलवे ने यात्रियों से विशेष अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी ज़रूर ले लें। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन नंबर और स्टेशन इंक्वायरी काउंटरों पर अपडेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें और परेशानी से बच सकें।









