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PPF से पैसा निकालने के लिए 15 साल का इंतजार क्यों? इमरजेंसी में ऐसे निकालें अपनी जमा पूंजी

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) छोटे निवेशकों की पसंदीदा रिस्क-फ्री स्कीम है, जो 7.1% ब्याज के साथ रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए आदर्श है। 15 साल की लॉक-इन लॉन्ग-टर्म बचत सुनिश्चित करती है, लेकिन इमरजेंसी में राहत: 7वें वर्ष से 50% आंशिक निकासी बिना पेनल्टी, 5 साल बाद मेडिकल/शिक्षा के लिए क्लोजर (1% ब्याज कट)। फॉर्म C भरें, 2-4 हफ्ते में पैसा मिले। लोन भी 3रे साल से उपलब्ध।

By Pinki Negi

PPF से पैसा निकालने के लिए 15 साल का इंतजार क्यों? इमरजेंसी में ऐसे निकालें अपनी जमा पूंजी

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) छोटे निवेशकों के बीच लोकप्रिय निवेश स्कीम है, जो बच्चों की हायर एजुकेशन से लेकर रिटायरमेंट प्लानिंग तक के लिए इस्तेमाल होती है। यह रिस्क-फ्री, गारंटीड रिटर्न वाली योजना 1986 में भारत सरकार ने शुरू की, जो आज भी भरोसेमंद बनी हुई है। वर्तमान तिमाही में 7.1% की तय ब्याज दर इसे टैक्स प्लानिंग के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनाती है।

हालांकि, 15 साल की लॉक-इन अवधि कई लोगों को हतोत्साहित करती है। सवाल वाजिब है- इमरजेंसी में क्या बीच में पैसा निकाला जा सकता है? आइए, गहराई से समझें नियम, शर्तें और प्रक्रिया।

PPF खाता खोलने की प्रक्रिया

भारत में कोई भी व्यक्ति डाकघर, सरकारी बैंक या अधिकृत निजी बैंक में आसानी से PPF खाता खोल सकता है। न्यूनतम मासिक जमा ₹100 से ₹500 तक हो सकती है, जबकि सालाना अधिकतम ₹1.5 लाख। KYC के लिए फॉर्म, आधार कार्ड, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं। खाता खुलने पर EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स लाभ मिलता है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब टैक्स-फ्री। 15 साल का लॉक-इन लॉन्ग-टर्म सेविंग्स सुनिश्चित करने के लिए है, जो चक्रवृद्धि ब्याज से पूंजी को कई गुना बढ़ाता है।

15 साल लॉक-इन का कारण और अपवाद

PPF की 15 साल की अवधि इसे सुरक्षित लॉन्ग-टर्म निवेश बनाती है, लेकिन इमरजेंसी में अपवाद हैं। तीन मुख्य निकासी विकल्प हैं- आंशिक निकासी, समयपूर्व क्लोजर और मैच्योरिटी निकासी। मैच्योरिटी के बाद खाता 5-5 साल बढ़ाया जा सकता है, जिसमें 60% तक सालाना निकासी संभव है। ये नियम निवेशकों को लचीलापन देते हैं, बिना पूंजी खराब किए।

आंशिक निकासी के नियम

खाता खुलने के 7वें वित्तीय वर्ष (पहले 6 साल पूरे होने पर) से आंशिक निकासी शुरू होती है। बैलेंस का 50% तक एक बार में निकाला जा सकता है, बिना किसी पेनल्टी के। उदाहरणस्वरूप, 2020 में खाता खोला तो अप्रैल 2026 से निकासी योग्य। यह टैक्स-फ्री रहती है और साल में एक बार ही अनुमत। यह छोटी इमरजेंसी जैसे मेडिकल या शिक्षा के लिए आदर्श है।

समयपूर्व क्लोजर की शर्तें

न्यूनतम 5 साल पूरे होने पर प्रीमैच्योर क्लोजर संभव है, लेकिन केवल गंभीर मामलों में- खुद या परिवार की मेडिकल इमरजेंसी, उच्च शिक्षा या निवास परिवर्तन। पूरी राशि निकलती है, मगर पूरे पीरियड के ब्याज पर 1% की कटौती लगती है। यह अंतिम विकल्प होना चाहिए, क्योंकि लॉन्ग-टर्म लाभ प्रभावित होता है।

निकासी की सरल प्रक्रिया

‘फॉर्म C’ आंशिक निकासी के लिए और ‘फॉर्म 2’ क्लोजर के लिए डाउनलोड करें। फॉर्म में निकासी राशि, खाता विवरण भरें। सेल्फ-अटेस्टेड पासबुक कॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट या शिक्षा प्रमाण संलग्न करें। बैंक/पोस्ट ऑफिस में जमा करें। वेरिफिकेशन के 2-4 हफ्तों में राशि सेविंग्स अकाउंट में आ जाती है। ऑनलाइन सुविधा वाले बैंकों में UMANG ऐप या नेट बैंकिंग से भी आवेदन करें।

अन्य विकल्प: लोन सुविधा

3रे वर्ष से PPF पर लोन मिल सकता है- जमा राशि + ब्याज का 25% तक, 1% ऊंची ब्याज दर पर। 36 मासिक किस्तों में चुकता करें। यह निकासी से बेहतर है, क्योंकि मूलधन सुरक्षित रहता है।

निवेशकों के लिए सलाह

इमरजेंसी से बचने हेतु लोन या आंशिक निकासी चुनें, क्लोजर से परहेज करें। 2026 में ब्याज दर 7.1% है, जो मुद्रास्फीति से ऊपर है। हमेशा最新 नियम NSI वेबसाइट या बैंक से जांचें। PPF रिटायरमेंट का मजबूत आधार है- धैर्य रखें, लाभ लें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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