
भारत सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा पूरी की। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से लेकर सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) तक सभी स्कीमों पर ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। PPF पर 7.1 प्रतिशत और SSY पर 8.2 प्रतिशत की दर बरकरार है। हर तिमाही समीक्षा के बावजूद स्थिर दरें निवेशकों के लिए राहत लेकर आई हैं, खासकर उन माता-पिता के लिए जो बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की सोच रहे हैं।
हर महीने 5 हजार निवेश का महत्व
इन योजनाओं में निवेश को लेकर चर्चा तेज है। अगर आप हर महीने 5 हजार रुपये जमा करते हैं, तो सालाना 60 हजार और 15 साल में कुल 9 लाख रुपये का निवेश होता है। लेकिन सवाल यह है कि मैच्योरिटी पर कौन सा फंड ज्यादा बनेगा? SBI कैलकुलेटर के आधार पर गणना बताती है कि SSY आगे निकल जाती है।
PPF की मैच्योरिटी 15 साल में होती है, जहां 7.1 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज पर कुल राशि 16.27 लाख रुपये बनती है। इसमें से 9 लाख मूलधन और 7.27 लाख ब्याज कमाया जाता है। यह योजना सभी के लिए खुली है, टैक्स लाभ (EEE स्टेटस) के साथ 5-5 साल के ब्लॉक में विस्तार संभव है।
SSY की खासियत और ज्यादा रिटर्न
दूसरी ओर, SSY बेटियों के लिए विशेष है। खाता 10 साल से कम उम्र की लड़की के नाम पर खुलता है। यहां 15 साल तक निवेश जरूरी है, लेकिन मैच्योरिटी 21 साल बाद आती है। इस दौरान 16वें से 21वें साल तक कोई जमा नहीं, सिर्फ ब्याज जुड़ता रहता है। 8.2 प्रतिशत दर पर वही 9 लाख निवेश 21 साल बाद 28.73 लाख रुपये का फंड तैयार करता है, जिसमें 19.73 लाख शुद्ध ब्याज है। यानी PPF से लगभग 12.46 लाख ज्यादा! यह अतिरिक्त 6 साल का चक्रवृद्धि जादू SSY को बाजी मार देता है।
लखपति बनने की रेस और विशेषज्ञ सलाह
लखपति बनने की होड़ में भी SSY तेज है। 7.1 प्रतिशत पर PPF में 11-12 साल लगते हैं, जबकि 8.2 प्रतिशत SSY 10-11 साल में 10 लाख का आंकड़ा पार कर लेती है। दोनों ही सरकार समर्थित, जोखिम-रहित और टैक्स-फ्री हैं, लेकिन SSY लड़की होने पर प्राथमिकता वाली है। न्यूनतम 250 रुपये सालाना जमा से शुरू, अधिकतम 1.5 लाख तक सीमा। PPF में निकासी सीमित, SSY में 18 साल बाद 50 प्रतिशत आंशिक निकासी संभव।
निवेश की रणनीति अपनाएं
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बेटी हो तो SSY चुनें, वरना PPF। महंगाई के दौर में ये योजनाएं लंबी बचत का मजबूत आधार हैं। सरकार की स्थिर नीति से विश्वास बढ़ा है, लेकिन समय रहते निवेश शुरू करें। क्या आप तैयार हैं लखपति बनने को?









