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PM Awas 2.0: घर बनाने के लिए सरकार दे रही ₹2.5 लाख, मिडिल क्लास को ₹1.80 लाख की सब्सिडी; ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

अपना घर बनाने का सपना अब होगा सच! PMAY-U 2.0 के तहत सरकार दे रही है ₹2.5 लाख की सीधी मदद और मिडिल क्लास के लिए ₹1.80 लाख की बड़ी सब्सिडी। आवेदन की पूरी प्रक्रिया और पात्रता की शर्तों को जानने के लिए अभी पढ़ें।

By Pinki Negi

PM Awas 2.0: घर बनाने के लिए सरकार दे रही ₹2.5 लाख, मिडिल क्लास को ₹1.80 लाख की सब्सिडी; ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
PM Awas 2.0

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) के तहत अपनी रफ्तार तेज कर दी है। सरकार का लक्ष्य अगस्त 2029 तक शहरों में 1 करोड़ पक्के घर बनाने का है। इसी कड़ी में सोमवार को 2.88 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई है, जिससे अब तक स्वीकृत कुल घरों की संख्या 13.61 लाख तक पहुँच गई है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को उनका अपना पक्का और सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना है। सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है ताकि हर शहरी परिवार का अपने घर का सपना सच हो सके।

16 राज्यों में बनेंगे नए सरकारी घर

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U 2.0) के तहत मंजूर किए गए नए घरों का लाभ देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेगा। सरकार ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, पंजाब और पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश व नागालैंड के लिए भी बजट को हरी झंडी दे दी है।

इस विस्तार में दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु को भी शामिल किया गया है। इन राज्यों में योजना के लागू होने से लाखों शहरी परिवारों को जल्द ही अपना पक्का आशियाना मिलने की उम्मीद है।

अब मजदूरों और कामकाजी महिलाओं को भी मिलेगा छत का सहारा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हाल ही में मंजूर हुए 2.88 लाख घरों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 1.66 लाख घर उन लोगों के लिए है जो अपनी जमीन पर घर बनाना चाहते हैं (BLC)। वहीं, 1.09 लाख घर सरकारी और निजी भागीदारी (AHP) के तहत बनेंगे। सबसे खास बात यह है कि सरकार ने 12,846 किराये के सस्ते मकानों (ARH) को भी मंजूरी दी है। यह कदम विशेष रूप से शहर आने वाले प्रवासी मजदूरों, औद्योगिक कामगारों और कामकाजी महिलाओं के लिए उठाया गया है, ताकि उन्हें कम खर्च में रहने के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक जगह मिल सके।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में शुरू होंगे ‘डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट’

सरकार अब घर बनाने के लिए आधुनिक और सस्ती तकनीकों का प्रदर्शन करने जा रही है। इसके लिए राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में तीन ‘डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट’ (DHP) को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स में 40-40 घर बनाए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य देशभर को यह दिखाना है कि कैसे कम लागत में मजबूत, टिकाऊ और तेजी से घर तैयार किए जा सकते हैं। यह पहल भविष्य में शहरी आवास निर्माण की पूरी तस्वीर बदल देगी। अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर अपना पक्का घर चाहते हैं, तो पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया समझकर तुरंत अप्लाई कर सकते हैं।

5 साल में 1 करोड़ परिवारों को मिलेगा अपना पक्का घर

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) का दूसरा चरण अब पूरी रफ्तार में है। 1 सितंबर 2024 से शुरू हुई यह योजना अगस्त 2029 तक चलेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को उनके सपनों का घर देना है। इस योजना के तहत सरकार चार अलग-अलग तरीकों से मदद कर रही है: खुद की जमीन पर घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता (BLC), साझेदारी में सस्ते घर (AHP), किराये के किफायती मकान (ARH), और होम लोन पर ब्याज में बड़ी छूट (ISS)। यह ‘हाउस फॉर ऑल’ मिशन न केवल छत प्रदान करेगा, बल्कि शहरी जीवन के स्तर को भी ऊपर उठाएगा।

PMAY-U 2.0 पात्रता

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ उठाने के लिए सरकार ने आय के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियां निर्धारित की हैं। योजना के अनुसार, EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) में वे परिवार शामिल हैं जिनकी सालाना कमाई ₹3 लाख तक है। LIG (निम्न आय वर्ग) के लिए यह सीमा ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच रखी गई है। वहीं, MIG (मध्यम आय वर्ग) के वे परिवार पात्र होंगे जिनकी कुल वार्षिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख के बीच है। यदि आपका परिवार इन आय सीमाओं के भीतर आता है और आप शहरी क्षेत्र के निवासी हैं, तो आप इस सरकारी सहायता के जरिए अपने घर का सपना सच कर सकते हैं।

BLC वर्टिकल की मुख्य शर्तें

  • आय सीमा: लाभार्थी के परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • जमीन का मालिकाना हक: आवेदक के पास अपनी जमीन के वैध दस्तावेज होने चाहिए।
  • बिना जमीन वालों के लिए प्रावधान: जिन पात्र परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें राज्य या केंद्र सरकार भूमि अधिकार (पट्टा) भी प्रदान कर सकती है ताकि वे इस योजना का लाभ ले सकें।
  • घर का आकार: इस योजना के तहत बनने वाले पक्के घर का कारपेट एरिया कम से कम 30 वर्ग मीटर होना अनिवार्य है।

सरकारी और निजी साझेदारी में मिलेंगे किफायती घर

यह वर्टिकल उन EWS परिवारों (₹3 लाख तक आय) के लिए है, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है। इसके तहत सरकार राज्यों और निजी एजेंसियों के साथ मिलकर पक्के फ्लैट्स बनाती है और लाभार्थियों को वित्तीय मदद देती है। खास बात यह है कि आधुनिक तकनीक से बनने वाले घरों के लिए सरकार ₹1,000 प्रति वर्ग मीटर की अतिरिक्त ‘टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रांट’ भी प्रदान कर रही है, ताकि घर किफायती होने के साथ-साथ मजबूत और टिकाऊ भी हों।

प्रवासी मजदूरों और कामकाजी महिलाओं के लिए सस्ते किराए के घर

PMAY-U 2.0 का यह वर्टिकल शहरों में रहने वाले उन लोगों के लिए है जिनके पास अपना घर नहीं है और वे किराए पर रहते हैं। इसके तहत EWS और LIG श्रेणियों (मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, छात्र और इंडस्ट्रियल वर्कर्स) को कम कीमत पर सरकारी मकान किराए पर दिए जाएंगे।

सरकार या तो पहले से बने खाली घरों का उपयोग करेगी या नई रेंटल यूनिट्स बनाएगी। खास बात यह है कि नई तकनीक से बनने वाले इन रेंटल प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार ₹3,000 प्रति वर्ग मीटर की ‘टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रांट’ (TIG) भी दे रही है, ताकि आधुनिक और किफायती आवास तैयार हो सकें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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