
हर सुबह सूरज की किरणों के साथ ही आम आदमी की नजर पेट्रोल पंप पर टिक जाती है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें न सिर्फ वाहन मालिकों की जेब खाली करती हैं, बल्कि पूरे अर्थतंत्र को प्रभावित करती हैं- ट्रांसपोर्टर से लेकर सब्जी विक्रेता तक। आज, 28 फरवरी 2026 को देश की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने सुबह 6 बजे नई दरें जारी कीं, लेकिन राहत की बात यह है कि ज्यादातर शहरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर टिका रहा, जबकि मुंबई जैसे महानगरों में भी स्थिरता बनी।
स्थिरता के पीछे की कहानी
यह स्थिरता पिछले दो साल से चली आ रही है, जब मई 2022 में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। कई राज्यों ने भी वैट घटाया, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका कम मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (ब्रेंट क्रूड करीब $75-80 प्रति बैरल पर) और रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति (1 USD ≈ ₹84) के बावजूद घरेलू बाजार स्थिर दिखा।
प्रमुख शहरों में आज के रेट
भारत में ईंधन कीमतें रोज अपडेट होती हैं और राज्यवार वैट के कारण अलग-अलग रहती हैं। नीचे 28 फरवरी 2026 के प्रमुख शहरों के ताजा भाव दिए गए हैं, जो ओएमसी (IOC, BPCL, HPCL) की वेबसाइट्स पर आधारित हैं। नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67; मुंबई: पेट्रोल ₹103.54, डीजल ₹90.03; कोलकाता: पेट्रोल ₹105.41, डीजल ₹92.02; चेन्नई: पेट्रोल ₹100.93, डीजल ₹92.48; बैंगलोर: पेट्रोल ₹103.06, डीजल ₹91.09।
अन्य शहरों के भाव
अन्य शहर: हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46, डीजल ₹95.70; जयपुर ₹104.72/₹90.21; लखनऊ ₹94.69/₹87.80; पुणे ₹104.04/₹90.57; चंडीगढ़ ₹94.30/₹82.45; पटना ₹105.58/₹93.80। कुछ जगहों जैसे नोएडा (पेट्रोल ₹94.90) या बैंगलोर में मामूली बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा हाइक नहीं।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| चेन्नई | 100.93 | 92.48 |
| बैंगलोर | 103.06 | 91.09 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
कीमतें स्थिर क्यों? गहराई से समझें
पिछले दो सालों से कीमतें लगभग अपरिवर्तित हैं, क्योंकि सरकार ने टैक्स ढांचे को संरक्षित किया। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल पर ₹19.90 और डीजल पर ₹15.67 प्रति लीटर है, जबकि राज्य वैट 15-30% तक लगाते हैं। मई 2022 की कटौती (पेट्रोल पर ₹10, डीजल पर ₹10) ने खुदरा मूल्य को नियंत्रित किया। वैश्विक स्तर पर OPEC+ उत्पादन सीमाओं के बावजूद, भारत का 85% तेल आयात डॉलर में होने से रुपये की स्थिरता ($84/₹) ने मदद की।
मौसमी और वैश्विक प्रभाव
मौसमी मांग (सर्दी में कम खपत) और रिफाइनिंग मार्जिन ने भी स्थिरता बनाए रखी। हालांकि, भविष्य में जियोपॉलिटिकल टेंशन (मिडिल ईस्ट) या अमेरिकी चुनाव प्रभाव से उछाल संभव है।
ईंधन मूल्य निर्धारण के प्रमुख कारक
- कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड का भाव सीधा असर डालता है। वर्तमान में $78/बैरल, जो 2025 के औसत से कम है।
- रुपया-डॉलर: कमजोर रुपया आयात बिल बढ़ाता है।
- टैक्स: कुल मूल्य का 50% टैक्स ही है – एक्साइज + वैट + डीलर कमीशन।
- रिफाइनिंग लागत: रिफाइनरी खर्च (₹5-7/लीटर) जोड़कर खुदरा मूल्य तय।
- मांग-आपूर्ति: त्योहारों पर बढ़ोतरी आम।
जेब पर असर: आम आदमी की कहानी
GST न लगने से राज्य टैक्स अलग-अलग हैं, जैसे महाराष्ट्र में ऊंचा वैट। दिल्ली के एक ऑटो चालक रामेश्वर कहते हैं, “स्थिर रेट से ₹200-300 रोज बच रहे हैं।” ट्रांसपोर्ट लागत स्थिर होने से सब्जी 5-10% सस्ती। हालांकि, मुंबई-पुणे जैसे शहरों में ₹100+ पेट्रोल से दबाव। EV धक्का (FAME-III) और CNG विस्तार राहत दे रहे।
चेक करें आसानी से: SMS और ऐप्स
- IOC: RSP <शहर कोड> 9224992249 पर भेजें (दिल्ली: 11)।
- BPCL: RSP 9223112222 पर।
- HPCL: HP Price 9222201122 पर।
ऐप्स जैसे MyPetrolPump या IOCL ऐप से लाइव अपडेट। पारदर्शिता से उपभोक्ता सशक्त।









