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पर्सनल लोन लेने की है तैयारी? बैंक जाने से पहले जान लें ये कड़े नियम, वरना उम्र भर चुकाएंगे कर्ज

पर्सनल लोन लेने से पहले सावधान! आसान लगते आकर्षक ऑफर जाल हो सकते हैं। CIBIL 700+, न्यूनतम आय 15-25 हजार और दस्तावेज तैयार रखें। ब्याज 10.5-24%, छिपे शुल्क व EMI बोझ न बने। जरूरी खर्च ही लें, चुकौती अनुशासन रखें। गलती से उम्र भर कर्ज चुकाएं, न चूकें!

By Pinki Negi

personal loan rules and hidden charges

आजकल पर्सनल लोन लेना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल पर कॉल और मैसेज के जरिए हर दिन नए ऑफर की बौछार होती है, लेकिन यह आसानी एक जाल हो सकती है। बैंक और फिनटेक ऐप्स कम ब्याज दरों का लालच दिखाते हैं, मगर वास्तविकता में सख्त पात्रता मानदंड, छिपे शुल्क और चुकौती के नियम कर्ज को बोझ बना देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोन लेने से पहले खुद से सवाल करें- क्या यह खर्च वाकई जरूरी है? मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत या क्रेडिट कार्ड बकाया चुकाने के लिए तो समझदारी है, लेकिन नई स्मार्टफोन, लग्जरी बैग या विदेश यात्रा जैसी चाहतों पर कर्ज भविष्य में तनाव का कारण बनेगा।

पहली शर्त: पात्रता जांचें

बैंकों के आकर्षक विज्ञापन हर किसी को कम ब्याज का वादा करते हैं, लेकिन ब्याज दर क्रेडिट स्कोर (CIBIL 700+), मासिक आय (15-25 हजार रुपये न्यूनतम) और उम्र (21-60 वर्ष) पर निर्भर करती है। सैलरी अकाउंट वाले मौजूदा ग्राहकों को प्राथमिकता मिलती है। आवेदन से पहले अपना CIBIL स्कोर चेक करें। एक साथ कई बैंकों में अप्लाई न करें, क्योंकि हर हार्ड इंक्वायरी स्कोर घटाती है। PAN, आधार, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज अपडेट रखें, वरना रिजेक्शन निश्चित। गलत जानकारी पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

ब्याज दरें और छिपे शुल्क

ब्याज 10.5% से 24% सालाना तक होता है, जो प्रोसेसिंग फीस (1-3%), प्रीपेमेंट चार्ज (2-5%) और लेट पेमेंट पेनल्टी से बढ़ जाता है। लंबा टेन्योर (12-60 महीने) चुनने पर कुल ब्याज दोगुना हो जाता है। EMI आपकी आय का 50-60% से ज्यादा न हो, अन्यथा अप्रूवल नहीं मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, 5 लाख का लोन 12% ब्याज पर 36 महीने का लेने पर EMI करीब 16,000 रुपये बनेगी, लेकिन कुल चुकौती 5.8 लाख पहुंच सकती है। जरूरत से ज्यादा लोन न लें; आय-खर्च का आकलन करें और इमरजेंसी फंड बचाएं।

एक किस्त चूकना महंगा पड़ेगा

लोन मिलते ही पैसे अलग खाते में रखें और उसी उद्देश्य के लिए खर्च करें। EMI का ऑटो-डेबिट सेट करें, खाते में बैलेंस बनाए रखें। अनियमित आय वाले पहले 1-2 EMI अलग रख लें। एक भी किस्त चूकने पर पेनल्टी लगेगी, CIBIL स्कोर गिरेगा और रिकवरी एजेंट परेशान करेंगे। कानूनी नोटिस या संपत्ति कुर्की तक बात बढ़ सकती है। प्रीपेमेंट से पहले शुल्क जांचें, क्योंकि कुछ बैंक इसे मनाही करते हैं।

सावधानियां और जोखिम

पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड होने से महंगा है। पहले क्रेडिट स्कोर सुधारें, तुलना करें (Paisabazaar, BankBazaar जैसे प्लेटफॉर्म पर)। लंबे टेन्योर के कम EMI जाल में न फंसें। RBI नियमों के तहत सभी शुल्क पारदर्शी होने चाहिए, लेकिन छिपे चार्ज से बचें। आखिरकार, लोन सही योजना से सहारा बनता है, जल्दबाजी से उम्र भर का कर्ज। समझदारी से फैसला लें, वरना वित्तीय आजादी सपना बन जाएगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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