
स्मार्टफोन कंपनी OnePlus के लिए भारत में एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी के इंडिया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रॉबिन लियू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला कंपनी के ग्लोबल बिजनेस में चल रहे बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) के बीच लिया गया है। लियू अभी अपना नोटिस पीरियड पूरा कर रहे हैं और उनका आखिरी कार्यदिवस 31 मार्च 2026 बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि वे इस्तीफे की घोषणा से पहले ही चीन वापस लौट चुके हैं।
क्यों है यह कंपनी के लिए बड़ा झटका?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि रॉबिन लियू का जाना OnePlus के लिए रणनीतिक रूप से काफी बड़ा झटका है। जब लियू ने 2018 में कंपनी जॉइन की थी, तब OnePlus भारत में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही थी। रिटेलर्स के साथ गंभीर विवाद के कारण कंपनी लगभग भारतीय बाजार से बाहर होने की कगार पर खड़ी थी। ऐसे नाजुक समय में लियू ने कमान संभाली और ब्रांड को फिर से मजबूत बनाया।
उनकी लीडरशिप में OnePlus ने मार्केट में अपनी खोई हुई पहचान दोबारा बनाई और प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में अच्छी पकड़ बनाई। एक सीनियर इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह कंपनी के लिए काफी बड़ा झटका है। रॉबिन ने उस वक्त कमान संभाली जब कंपनी रिटेलर्स के साथ विवाद के कारण भारत से बाहर होने की स्थिति में थी।”
OPPO ग्रुप में बदलाव का असर
विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा अकेले OnePlus का मामला नहीं, बल्कि OPPO ग्रुप में चल रहे बड़े बदलाव का असर है। OPPO ग्रुप अपने ग्लोबल बिजनेस में बड़े स्तर पर रीस्ट्रक्चरिंग कर रहा है, जिसके तहत OnePlus और Realme जैसे सब-ब्रांड्स को एक साथ मैनेज करने की रणनीति बनाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, रॉबिन लियू को अब Sky Li को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, जो अब पूरे सब-ब्रांड ऑपरेशंस को देख रहे हैं। पहले लियू और Sky Li दोनों अपने-अपने ब्रांड को अलग-अलग संभालते थे, लेकिन अब पावर स्ट्रक्चर बदल गया है। इस बदलाव को लियू के इस्तीफे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
स्मार्टफोन इंडस्ट्री इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग लागत, कंपोनेंट्स की कमी और सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कंपनियों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट और खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज करना पड़ रहा है। इसी वजह से कंपनियां अपने संसाधनों को एकजुट कर रही हैं, ताकि तेजी से नए प्रोडक्ट लॉन्च किए जा सकें और लागत कम की जा सके।
OnePlus की गिरती मार्केट शेयर
भारत में OnePlus की स्थिति पिछले कुछ समय से कमजोर हो रही है। कंपनी का मार्केट शेयर 2024 में 3.9% था, जो 2025 में घटकर 2.4% रह गया। यानी करीब 38.8% की गिरावट आई है, जो इस साल किसी भी बड़े ब्रांड के लिए सबसे ज्यादा है। इस दौरान Samsung और Vivo जैसे ब्रांड्स ने OnePlus को कड़ी टक्कर दी है और प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत की है।
ऑनलाइन मॉडल पर फिर फोकस
हाल ही में OnePlus ने अपने सेल्स मॉडल में भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब फिर से ऑनलाइन बिक्री पर ज्यादा ध्यान दे रही है, ताकि खर्च कम किया जा सके और मुनाफा बनाए रखा जा सके। यह रणनीति कंपनी को कॉस्ट कंट्रोल करने में मदद कर सकती है, लेकिन इसके नतीजे आने वाले समय में ही साफ होंगे। फिलहाल, OnePlus ने रॉबिन लियू के विकल्प की घोषणा नहीं की है। कंपनी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती होगी भारत जैसे प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी खोई हुई पकड़ को वापस पाना।









