सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी (demonetization) में बंद हुए ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को बदलने के लिए अब आम जनता के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इन नोटों को बदलने की समय-सीमा बहुत पहले ही समाप्त कर दी थी ।

सोशल मीडिया पर चल रही खबरों की सच्चाई
हाल ही में, अक्टूबर 2025 में, सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलाया जा रहा है कि RBI ने पुराने नोटों को बदलने के लिए एक “आखिरी मौका” देते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। यह जानकारी पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है ।
RBI ने भी इस संबंध में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट और संचार चैनलों पर ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है । उन्होंने स्पष्ट किया है कि RBI ने ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को बदलने के लिए कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है ।
इसलिए, ऐसी किसी भी वायरल खबर या संदेश पर विश्वास न करें और उसे आगे न बढ़ाएं।
नोट बदलने की प्रक्रिया कब समाप्त हुई?
8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद, सरकार और RBI ने आम जनता को पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने या बदलने के लिए एक निश्चित समय दिया था। यह समय-सीमा 30 दिसंबर 2016 को समाप्त हो गई थी । इसके बाद, कुछ विशेष मामलों में RBI के निर्दिष्ट कार्यालयों में नोट बदलने की एक और सीमित अवधि दी गई थी, लेकिन वह भी बहुत पहले समाप्त हो चुकी है।
तो अब इन पुराने नोटों का क्या होगा?
कानूनी तौर पर, 2016 में बंद हुए ₹500 और ₹1000 के पुराने नोट अब वैध मुद्रा नहीं हैं (no longer legal tender) । इसका मतलब है कि वे अब किसी भी लेन-देन के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते और उनका कोई मौद्रिक मूल्य नहीं है। वे अब केवल कागज के टुकड़े हैं।
फटे, पुराने या गंदे नोटों से इसे न मिलाएं
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नोटबंदी में बंद हुए नोटों को बदलना और फटे, पुराने या गंदे नोटों को बदलना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। RBI के नियमों के अनुसार, आप किसी भी बैंक शाखा में जाकर अपने कटे-फटे या गंदे नोट बदलवा सकते हैं, बशर्ते वे RBI की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों । यह सुविधा अभी भी चालू है, लेकिन यह 2016 में बंद हुए ₹500 और ₹1000 के नोटों पर लागू नहीं होती है।
यदि आपके पास 2016 में बंद हुए ₹500 और ₹1000 के पुराने नोट हैं, तो अब उन्हें बदलने का कोई आधिकारिक तरीका नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करें।









