
जयपुर सहित पूरे देश में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना महंगा पड़ेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने नियमों में बड़े बदलाव करते हुए चालान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सख्त बना दिया है। 20 जनवरी 2026 को जारी नए आदेश के अनुसार, अब चालान का भुगतान समय पर करना अनिवार्य होगा, वरना वाहन जब्त भी किया जा सकता है। यदि कोई चालक तय समय सीमा के भीतर चालान को चुनौती नहीं देता या भुगतान नहीं करता, तो उसे ‘स्वतः स्वीकार’ (Auto-accepted) मान लिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
45 दिनों का अल्टीमेटम, वरना देना होगा भारी जुर्माना
नए नियमों के तहत अब चालान होने पर आपके पास केवल 45 दिनों का समय होगा। इस समय-सीमा के भीतर आपको या तो जुर्माने का भुगतान करना होगा या फिर पोर्टल पर जरूरी दस्तावेजों के साथ चालान को चुनौती देनी होगी। अगर आप इन 45 दिनों में कोई कदम नहीं उठाते हैं, तो सिस्टम इसे आपकी गलती मान लेगा और चालान ‘स्वतः स्वीकार’ (Auto-accepted) हो जाएगा। इसके बाद आप उस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कर पाएंगे और सख्त कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
अब 3 दिन में मिलेगी सूचना, पोर्टल पर दिखेगा पूरा रिकॉर्ड
नए नियमों के अनुसार, अब ट्रैफिक उल्लंघन की जानकारी तुरंत मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक चालान (e-Challan) अपराध के 3 दिनों के भीतर वाहन मालिक के नाम जारी कर दिया जाएगा, जिसकी सूचना SMS या ईमेल से तुरंत दी जाएगी। वहीं, हाथ से काटे गए (मैन्युअल) चालान की जानकारी 15 दिनों के भीतर सिस्टम में अपडेट करना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि अब आपके सभी चालानों का पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर तारीख के अनुसार (Chronological order) उपलब्ध रहेगा, जिसे आप कभी भी ऑनलाइन चेक कर सकेंगे।
3 दिन में सुनवाई और रद्द करने की सुविधा
अगर आपको लगता है कि आपका चालान गलत कटा है, तो आप उसे ऑनलाइन चुनौती दे सकते हैं। नियमों के अनुसार, अधिकारी को 3 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का निपटारा करना होगा। यदि अधिकारी चालान रद्द करता है, तो उसे लिखित कारण पोर्टल पर अपलोड करने होंगे और चालान खत्म हो जाएगा। अगर आपकी शिकायत पर 3 दिन में कोई कार्रवाई नहीं होती या आप फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप कोर्ट (न्यायालय) में भी आवेदन कर सकते हैं।
चालान पेंडिंग रखा तो ‘ब्लॉक’ होगा वाहन, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पर भी रोक
अगर आप अपने लंबित (Pending) चालान पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो सख्त कानूनी प्रतिबंध लागू होंगे। ऐसी स्थिति में आपका ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का रजिस्ट्रेशन (RC) ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिससे आप परिवहन विभाग की किसी भी सेवा का लाभ नहीं ले पाएंगे। साथ ही, आपके वाहन को पोर्टल पर “ब्लॉक” श्रेणी में डाल दिया जाएगा और उसे जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। टैक्स से जुड़े मामलों को छोड़कर, वाहन से जुड़े आपके सभी आवेदन तब तक अटके रहेंगे जब तक चालान का निपटारा नहीं हो जाता।









