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हाइवे पर अब ‘AI’ की तीसरी आंख! NHAI ला रहा है नया मॉनिटरिंग सिस्टम, चालान से बचना है तो जान लें नियम

NHAI 40,000 किमी राजमार्गों पर AI डैशकैम सिस्टम DAS ला रहा है। RPV वाहनों से सड़क दोष, अतिक्रमण, ट्रैफिक उल्लंघन (हेलमेट, स्पीडिंग) पकड़े जाएंगे। ई-चालान तुरंत! नियम फॉलो करें- सुरक्षित ड्राइव।

By Pinki Negi

हाइवे पर अब 'AI' की तीसरी आंख! NHAI ला रहा है नया मॉनिटरिंग सिस्टम, चालान से बचना है तो जान लें नियम

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की ‘तीसरी आंख’ तैनात होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के 40,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों पर AI-आधारित डैशकैम मॉनिटरिंग सिस्टम ‘डैशकैम एनालिटिक्स सर्विसेज (DAS)’ लागू करने का ऐलान किया है। यह कदम सड़क सुरक्षा, रखरखाव और ट्रैफिक नियमों की निगरानी को डेटा-ड्रिवन बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित होगा। मैनुअल जांच के पुराने तरीकों को पीछे छोड़ते हुए यह सिस्टम रीयल-टाइम डेटा के जरिए दुर्घटनाओं को कम करेगा और चालान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।

सड़क दोषों पर AI की पैनी नजर

DAS सिस्टम हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग करने वाले रूट पैट्रोल वाहनों (RPV) में हाई-रेजोल्यूशन डैशकैम लगाएगा। ये कैमरे दिन-रात वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड करेंगे, जिन्हें AI और मशीन लर्निंग मॉडल प्रोसेस करेंगे। सिस्टम 30 से अधिक सड़क दोषों- जैसे गड्ढे, दरारें, खराब सतह- का पता लगाएगा। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जैसे लेन मार्किंग, स्ट्रीटलाइट्स, साइनबोर्ड और क्रैश बैरियर पर नजर रखेगा।

अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, अनधिकृत कट-पॉइंट जैसी समस्याओं को भी तुरंत हाइलाइट करेगा। केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा पहुंचने से अधिकारी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे, जिससे मरम्मत तेजी से हो सकेगी।

ट्रैफिक उल्लंघनों पर सख्ती

यह ‘तीसरी आंख’ केवल रखरखाव तक सीमित नहीं। AI कैमरे 14 से अधिक ट्रैफिक नियम भंग पकड़ेंगे- लमेट न पहनना (₹1,000 जुर्माना), मोबाइल फोन यूज (₹5,000), गलत लेन ड्राइविंग (₹2,000-₹5,000), स्पीडिंग, सीटबेल्ट न लगाना, ट्रिपल राइडिंग आदि। वायलेशन पर SMS/ईमेल अलर्ट के साथ NIC पोर्टल पर ई-चालान जारी होगा- कोई बहस या नेगोशिएशन नहीं।

चालकों के लिए सुनहरा नियम: हेलमेट-सीटबेल्ट अनिवार्य, मोबाइल हैंड्स-फ्री, स्पीड लिमिट फॉलो, नंबर प्लेट साफ, RC-इंश्योरेंस-PUC अपडेट। parivahan.gov.in पर वाहन नंबर चेक कर चालान ट्रैक करें।

पायलट से पूर्ण लागू

यह पहल मार्च 2026 में अनाउंस हुई, लेकिन द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स पर पहले टेस्ट हो चुका। पहले AI ट्रैफिक सिस्टम ने वहां ट्रिपल लेन चेक, गलत साइड ड्राइविंग पकड़ी। NHAI का लक्ष्य: दुर्घटनाएं 20-30% कम, रखरखाव खर्च घटाना। लेकिन चुनौतियां भी- ग्रामीण हाईवे पर कनेक्टिविटी, डेटा प्राइवेसी। विशेषज्ञों का मानना है, यह भारत को ग्लोबल स्टैंडर्ड हाईवे की ओर ले जाएगा। चालकों को सलाह: नियम मानें, सुरक्षित ड्राइव करें। NHAI की यह तकनीकी क्रांति सड़कों को सुरक्षित बनाने का वादा कर रही है!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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