
आजकल स्मार्टफोन मार्केट में नया खतरा मंडरा रहा है। नए फोन खरीदते ही स्कैमर्स आपको निशाना बना लेते हैं। वे खुद को कंपनी अधिकारी बताकर फोन में ‘कमी’ का बहाना बनाते हैं और डिलीवरी बॉय या सर्विस एजेंट बनकर फोन वापस मांग लेते हैं। उनके पास आपका नाम, पता, फोन मॉडल नंबर तक सारी डिटेल्स होती हैं, जो डेटा लीक से आती हैं।
यह स्कैम इतना खतरनाक क्यों है?
यह स्कैम इतना खतरनाक क्यों है? ऑनलाइन सुरक्षा कंपनी मैक्फी की जनवरी 2026 ‘स्टेट ऑफ द स्कैमिवर्स’ रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकियों को रोजाना औसतन 14 स्कैम मैसेज मिलते हैं। भारत में भी यही ट्रेंड तेज हो रहा है। स्कैमर्स नए फोन खरीदने की जानकारी e-commerce डेटा या डार्क वेब से हासिल कर लेते हैं। वे कॉल या मैसेज करके कहते हैं, “आपके ऑर्डर में शिपिंग एरर हो गया है। फोन दोषपूर्ण है, वापस भेज दें।” जल्दबाजी में लोग फंस जाते हैं। मैक्फी की एक्सपर्ट सैंड्रा ग्लेडिंग कहती हैं, “लोगों को तुरंत एक्शन लेना पड़ता लगता है, इसलिए जांच नहीं करते।”
स्कैम का पूरा modus operandi
स्कैम का पूरा modus operandi सुनिए। पहले वे फोन या मैसेज करते हैं, कैरियर सर्विस का नाम लेते हुए। “आपके डिवाइस में इन्वेंट्री प्रॉब्लम है, जुर्माना लग सकता है।” फिर ईमेल से प्रीपेड रिटर्न लेबल या QR कोड भेजते हैं। आप QR स्कैन करते ही फोन हैक हो जाता है या स्कैमर फोन ले भागते हैं। कई केस में USSD कोड (*#21#) या ऐप डाउनलोड करवाकर कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर देते हैं। नतीजा? बैंक OTP चुराकर अकाउंट खाली। ABP Live की रिपोर्ट में दर्ज है कि नए फोन खरीदते ही लोग ऐप शेयर या कोड देकर अपना फोन लॉक करवा बैठते हैं।
भारत में तेजी से फैल रहा खतरा
भारत में यह स्कैम तेजी से फैल रहा। नवभारत टाइम्स और ABP की खबरों के अनुसार, डिलीवरी बॉय बनकर स्कैमर्स फोन चेक करने के बहाने IMEI नोट कर लेते हैं। फिर कॉल से हैकिंग। हाल के मामलों में फोन पूरी तरह लॉक हो गया या डेटा चोरी हो गया। यूट्यूब वीडियोज में भी साइबर एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि स्कैमर्स QR स्कैन या CAPTCHA ट्रिक से मालवेयर घुसाते हैं।
बचाव के आसान उपाय
तो कैसे बचें? सबसे पहले अनजान कॉल काटें। खुद कंपनी कस्टमर केयर पर कॉल करें। फोन एक्टिवेट करने से पहले 2FA ऑन करें, स्क्रीन लॉक मजबूत रखें। QR कोड या अनजान ऐप न स्कैन करें। डिलीवरी के समय बॉक्स न खोलें, IMEI चेक करें। संदेह हो तो CEIR पोर्टल पर फोन ब्लैकलिस्ट करवाएं। सॉफ्टवेयर अपडेट रखें, अनजान लिंक न खोलें।
अगर फंस गए तो क्या करें?
अगर फंस गए तो तुरंत डेटा-वाईफाई ऑफ करें, बैंक अकाउंट फ्रीज करवाएं। साइबर सेल 1930 पर कॉल करें। धैर्य रखें, जल्दबाजी न करें। नए फोन की खुशी स्कैमर्स की भेंट न चढ़ने दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!









