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नया श्रम कानून (Labor Law): क्या बदल जाएंगे आपके काम के घंटे और छुट्टियां? नौकरीपेशा लोग फौरन जान लें ये नियम

1 अप्रैल से देशभर में चार नए श्रम संहिताएं पूरी तरह लागू हो गईं। इनसे काम के घंटे, छुट्टियां, ओवरटाइम और सैलरी पर सीधा असर पड़ेगा। नौकरीपेशा लोग तैयार रहें- फ्लेक्सिबल वर्किंग और लीव इनकैशमेंट नए सामान्य होंगे।

By Pinki Negi

नया श्रम कानून (Labor Law): क्या बदल जाएंगे आपके काम के घंटे और छुट्टियां? नौकरीपेशा लोग फौरन जान लें ये नियम

देश में चार नए श्रम संहिताओं का दौर शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समेटकर वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा-स्वास्थ्य-कार्यस्थिति संहिता को 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित कर दिया।

नए वित्त वर्ष से पूर्ण प्रभाव

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही ये बदलाव पूरी तरह लागू हो गए हैं, जो नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी को सीधे प्रभावित करेंगे। छुट्टियों से लेकर टेक-होम सैलरी, पीएफ योगदान और ऑफिस के कामकाज तक सब कुछ बदलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सुधार कर्मचारियों को लचीलापन देंगे, लेकिन कंपनियों को अनुपालन के नए नियम निभाने होंगे।

काम के घंटों में फ्लेक्सिबिलिटी

काम के घंटों में आई फ्लेक्सिबिलिटी सबसे बड़ा बदलाव है। पुराने कानूनों में फैक्टरियों में 9 घंटे और दुकानों में 8-9 घंटे की सीमा थी, लेकिन अब व्यावसायिक सुरक्षा संहिता के तहत सामान्य कार्यदिवस 8 से 12 घंटे तक हो सकता है। साप्ताहिक कुल घंटे 48 ही रहेंगे, यानी अगर एक दिन 12 घंटे काम करें तो बाकी दिनों में कम करना होगा।

ओवरटाइम के नए नियम

ओवरटाइम के लिए कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी है और उसके बदले दोगुनी मजदूरी मिलेगी। एक तिमाही में 125 घंटे तक ओवरटाइम की सीमा तय की गई है। इससे 4-दिन वर्कवीक का रास्ता साफ हो गया- चार दिन 12-12 घंटे काम कर तीन दिन छुट्टी लेना संभव है, बशर्ते सहमति हो। महिलाओं को रात 7 बजे बाद काम की छूट भी सहमति से मिलेगी। ये बदलाव कॉर्पोरेट, दुकानें, गिग वर्कर्स सब पर लागू होंगे।

छुट्टियों के नियमों में क्रांति

छुट्टियों के नियमों में भी क्रांति आ गई है। अर्न्ड लीव (EL) अब अधिकतम 30 दिन ही कैरी फॉरवर्ड हो सकेगी। इससे ज्यादा छुट्टियों का साल के अंत में अनिवार्य इनकैशमेंट करना होगा, ताकि कर्मचारी की मेहनत बर्बाद न हो। कैजुअल लीव 7-8 दिन और सिक लीव 7 दिन सालाना मिल सकती है।

लीव इनकैशमेंट और अन्य लाभ

अगर छुट्टी आवेदन मंजूर न हो तो कैरी फॉरवर्ड की कोई सीमा नहीं। साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य है- अगर काम हो तो वैकल्पिक छुट्टी या दोगुनी पे मिलेगी। सार्वजनिक अवकाश पर काम करने वालों को भी मुआवजा सुनिश्चित है। लीव इनकैशमेंट से टेक-होम सैलरी बढ़ेगी, लेकिन पीएफ पर असर पड़ेगा क्योंकि बेसिक पे+DA का 50% हिस्सा सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएगा।

सुरक्षा और गिग वर्कर्स को लाभ

ओवरटाइम को 15-30 मिनट का 30 मिनट और 30 मिनट से ज्यादा का 1 घंटा गिना जाएगा। 500+ कर्मचारियों वाली कंपनियों में सेफ्टी कमिटी जरूरी होगी। गिग वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। श्रम मंत्री ने कहा, “ये सुधार कर्मचारी-अनुकूल हैं, जो अतिरिक्त आय और वर्क-लाइफ बैलेंस सुनिश्चित करेंगे।” हालांकि, छोटी कंपनियां अनुपालन की चुनौतियों का रोना रो रही हैं। नौकरीपेशा लोग कल से इन नियमों को ध्यान में रखें-अपने एचआर से पुष्टि करें। ये बदलाव भारत को आधुनिक श्रम शक्ति बना देंगे।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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