
1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स एक्ट 2025 पूरी तरह लागू हो गया है, जिसने पुराने 1961 के कानून को पीछे छोड़ दिया। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं, खासकर ITR फाइलिंग की डेडलाइन और PAN कार्ड की अनिवार्यता में। पटना के प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक मिश्रा ने बताया, “टैक्स ईयर 2026-27 से करदाताओं को नए नियमों का सीधा असर दिखेगा। डेडलाइन बढ़ने से सैलरीड कर्मचारियों और बिजनेसमैन दोनों को राहत मिलेगी, जबकि PAN से जुड़े नियम छोटे लेन-देन को आसान बनाएंगे।”
डेडलाइन में राहत की बौछार
नए नियमों ने ITR फाइलिंग को पहले से कहीं ज्यादा लचीला बना दिया है। पहले जहां केवल 2 साल पुराने ITR को अपडेट किया जा सकता था, अब यह सीमा बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है। हालांकि, इसमें अतिरिक्त टैक्स, पेनल्टी और ब्याज पुराने नियमों के मुताबिक ही लगेंगे। सीए मिश्रा कहते हैं, “यह बदलाव उन टैक्सपेयर्स के लिए वरदान है जो यात्रा, बीमारी या अन्य कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाए थे। अब वे 4 साल तक पुराना ITR सुधार सकते हैं।”
ITR रिवीजन में भी क्रांति आ गई। पहले दिसंबर तक सीमित रहने वाली सुधार की आखिरी तारीख अब मार्च तक बढ़ा दी गई। अगर फाइलिंग में कोई गलती रह गई, तो सुधारने का पर्याप्त समय मिलेगा। बिजनेस करने वालों को ITR-3/4 के लिए 31 जुलाई से 31 अगस्त तक का समय दिया गया, जबकि सैलरीड वर्ग के लिए 31 जुलाई ही बरकरार है। ऑडिट केसों की डेडलाइन 30 सितंबर से अक्टूबर, और विशेष मामलों में नवंबर तक हो गई। मिश्रा जोड़ते हैं, “ये बदलाव प्रोफेशनल्स पर दबाव कम करेंगे, खासकर छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसर्स को।” FY 2024-25 का ITR अभी पुराने नियमों से चलेगा, लेकिन 2026-27 से नया सिस्टम पूरी तरह लागू।
PAN नियम: छोटे लेन-देन पर छूट
PAN को लेकर सख्ती के साथ राहत भी दी गई। अब 5 लाख रुपये से महंगे वाहन- चाहे कार हो या बाइक- खरीदने पर ही PAN जरूरी। पहले दोपहिया पर यह अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित। बैंकिंग में कैश जमा/निकासी की PAN सीमा 50 हजार से बढ़ाकर सालाना 10 लाख रुपये कर दी गई। छोटे दुकानदारों और ग्रामीण खाताधारकों को इससे बड़ी आसानी होगी।
होटल, बैंक्वेट या रेस्टोरेंट में 1 लाख से ऊपर बिल पर PAN, जबकि प्रॉपर्टी खरीद की सीमा 10 लाख से 20 लाख रुपये हो गई। TDS में TAN की जगह PAN पर्याप्त, जिससे पेपरवर्क कम। मिश्रा का कहना है, “ये बदलाव टैक्स चोरी रोकेंगे, लेकिन आम आदमी के कंधे से बोझ हटाएंगे। Meerut-UP जैसे शहरों में बजट वाहन खरीदने वालों को फायदा।” कुल मिलाकर, नया एक्ट टैक्सपेयर्स को समय देता है, लेकिन अनुपालन सख्त। विशेषज्ञ सलाह देते हैं- PAN अपडेट रखें और समय पर फाइल करें।









