Tags

HRA क्लेम करने वाले सावधान! 1 अप्रैल से बदल रहे हैं नियम, एक गलती और कटेगी जेब

1 अप्रैल 2026 से HRA क्लेम पर नए नियम- मकान मालिक से रिश्ता (माता-पिता/रिश्तेदार) खुलासा अनिवार्य। फर्जी छूट पर लगाम, Form 124 में PAN+रेंट एग्रीमेंट जरूरी। बैंक ट्रांसफर प्रूफ रखें, गलती पर 300% पेनल्टी। सैलरीड क्लेमर सावधान!

By Pinki Negi

HRA क्लेम करने वाले सावधान! 1 अप्रैल से बदल रहे हैं नियम, एक गलती और कटेगी जेब

सैलरीड कर्मचारियों के लिए बड़ा टैक्स अलर्ट! 1 अप्रैल 2026 से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव हो रहा है। अब रेंट एग्रीमेंट के साथ मकान मालिक से अपना रिश्ता (जैसे माता-पिता, पति-पत्नी या कोई नहीं) खुलासा करना अनिवार्य होगा। यह कदम फर्जी टैक्स छूट पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है, खासकर उन मामलों में जहां परिजनों को दिखाकर किराया क्लेम किया जाता है। गलत जानकारी पर भारी जुर्माना और स्क्रूटनी का खतरा मंडरा रहा है।​

आयकर विभाग ने 2025 के ड्राफ्ट नियमों में Form 124 को अपडेट किया है। पहले सिर्फ रसीद, बैंक प्रूफ और मकान मालिक का PAN (₹1 लाख सालाना किराए से ज्यादा पर) काफी था। अब रिश्ते का कॉलम जोड़ा गया है, ताकि फर्जीवाड़ा पकड़ा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव करोड़ों रुपये के फर्जी HRA क्लेम रोक देगा।

नए नियमों की मुख्य विशेषताएं

1 अप्रैल से लागू होने वाले इन नियमों की मुख्य बातें सरल हैं, लेकिन पालन न करने पर महंगा पड़ेगा। सबसे बड़ा बदलाव- रिश्ते का खुलासा। अगर आप माता-पिता, भाई-बहन या पत्नी को किराया देते हैं, तो ITR फॉर्म में स्पष्ट बताना होगा। सालाना किराया ₹1 लाख से ज्यादा होने पर मकान मालिक का PAN, पता और रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य। फर्जी रसीदें जमा करने वालों की खैर नहीं – विभाग AI टूल्स से वेरिफाई करेगा।​

जरूरी दस्तावेज अब बढ़ गए हैं: रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट, हर महीने बैंक ट्रांसफर प्रूफ, मकान मालिक का PAN (उच्च किराए पर), और रिश्ते की डिटेल। गलत डिस्क्लोजर पर सेक्शन 271(1)(c) के तहत 100-300% पेनल्टी लग सकती है। असली किरायेदार सुरक्षित रहेंगे, बशर्ते प्रूफ सॉलिड हो।

HRA छूट की गणना और जोखिम

HRA छूट की गणना पुरानी ही रहेगी: न्यूनतम मूल्य – HRA राशि, वास्तविक किराया माइनस 10% मूल वेतन, या 50% (मेट्रो शहरों में)/40% (अन्य) मूल वेतन+DA। लेकिन अब वेरिफिकेशन सख्त। उदाहरण: अगर आप दिल्ली में ₹50,000 मासिक किराया देते हैं और मां मकान मालिक हैं, तो रिश्ता छिपाना जोखिम भरा। सालाना ₹6 लाख+ किराए पर हाई-रिस्क कैटेगरी।​

पुराने नियम vs नए नियमपुराने नए (1 अप्रैल 2026) 
रिश्ता खुलासानहींअनिवार्य (Form 124)
PAN जरूरी₹1L+ सालानाहमेशा + रिश्ता
भुगतान मोडकैश/बैंककेवल बैंक ट्रांसफर
दंडसामान्य100-300% पेनल्टी

क्यों आया यह बदलाव?

सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि HRA क्लेम में 20-25% फर्जी केस थे, ज्यादातर रिश्तेदारों के नाम पर। बजट 2025 में वित्त मंत्री ने टैक्स बेस बढ़ाने का ऐलान किया था। अब डिजिटल ट्रांजेक्शन और PAN लिंकिंग से ट्रैकिंग आसान। CA एसोसिएशन ने इसे स्वागतयोग्य बताया, लेकिन छोटे क्लेमरों के लिए बोझ कहा।

सैलरीड वर्ग के लिए टिप्स

  • तुरंत रेंट एग्रीमेंट अपडेट करवाएं, PAN शामिल करें।
  • हर किराया NEFT/RTGS से भेजें, कैश अवॉइड करें।
  • ITR से पहले फॉर्म 124 चेक करें।
  • अगर रिश्तेदार को किराया, तो वास्तविक रहें- ट्रांसफर रिकॉर्ड रखें।
  • डाउट हो तो CA/टैक्स एडवाइजर से मिलें। AY 2026-27 से लागू।

भविष्य में क्या?

यह बदलाव अन्य डिडक्शन्स जैसे 80C पर भी असर डाल सकता है। सरकार का लक्ष्य- पारदर्शी टैक्स सिस्टम। सच्चे क्लेमर चिंता न करें, फर्जीवाड़ेबाजों की नींद उड़ी हुई है। HRA अब सिर्फ प्रूफ का खेल बनेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें